ग्लोबल बाजारों की हाहाकार से भारतीय बाजार भी हिल गए है। निफ्टी 300 प्वाइंट नीचे चला गया है। इसने 23000 का अहम लेवल, तोड़ दिया है। रिलायंस की 4 फीसदी की कमजोरी ने दबाव बढ़ा दिया है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी मारकाट मची हुई है। दोनों इंडेक्स करीब 2.5 से 3 फीसदी तक कमजोर हुए हैं। उधर खराब बाजार में भी बैंक निफ्टी की संभलने की कोशिश है। ये HDFC बैंक के दम पर जोर दिखा रहा है।
कल जोश दिखाने वाले फार्मा सेक्टर में आज कोहराम मचा हुआ। जल्द ही फार्मा पर ट्रंप के भारी टैरिफ के एलान से निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 4.5 फीसदी गिरा है। मंदी की आशंका और चीन की रेटिंग डाउनग्रेड से मेटल शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली आई है। निफ्टी मेटल सेक्टर 5 फीसदी से ज्यादा टूटा है। साथ ही ऑटो और IT इंडेक्स भी 1.5 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं।
क्रूड में तेज गिरावट अपस्ट्रीम तेल गैस कंपनियों पर पड़ी भारी पड़ रही है। ONGC और OIL INDIA 7 फीसदी फिसले हैं। वहीं इंडिगो में 2 फीसदीकी तेजी है। साथ ही चुनिंदा FMCG कंपनियों में भी हल्की खरीदारी है।
अब सबसे बड़ा सवाल ये बनता है कि पूरी दुनिया पर टूटे ट्रंप के इस कहर के बाद रिटेल निवेशकों की क्या रणनीति होनी चाहिए? इसका जवाब देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ बड़े इवेंट पार हो चुके हैं और बड़े इवेंट्स की इंतजार है ऐसे में रिटेल निवेशकों को थोड़ा वेल्थ क्रिएशन के बारे में सोचना चाहिए। अगर अगले 3-6 महीने का नजरिया है तो यहां से दो फैक्टरों पर नजर रखें। इनमें से पहला है कंपनियों को नतीजे। ये सबसे ज्यादा अहम हैं। दूसरा अहम फैक्टर है रिलेटिव स्ट्रेंथ। शेयर वो लें जहां या तो नतीजों का सपोर्ट मिले या शेयर वो लें जहां रिलेटिव स्ट्रेंथ हो । अगर दोनों एक साथ मिल जाएं तो सोने पे सुहागा।
अनुज ने आगे कहा कि ये साल आपकी मेंटल स्ट्रेंथ को टेस्ट करेगा। इस साल पैसा बनाने से ज्यादा पैसा बचाना अहम है। पिछले 2 साल आप समझिए T20 चल रहा था। T20 में 20 ओवर में भी 250 रन बना सकते हैं। इस साल मान लीजिए कि गाबा में टेस्ट मैच चल रहा है। हमें विकेट बचाना है और हॉफ वॉली या फुलटॉस का इंतजार करना है। अगर इस बाजार में आप रोज ट्रेडिंग करेंगे तो नुकसान होना पक्का है लेकिन अगर आप कुछ खास दिनों का इंतजार करेंगे,पैसा जरूर बनेगा। फार्मा और फाइनेंशियल्स इन दो सेक्टर्स पर नजर रखें। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और क्रूड से जुड़े शेयरों पर भी फोकस बनाए रख सकते हैं। IT को अभी भी कुछ समय के लिए पूरी तरह से नजरअंदाज करें।
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