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बहुत महंगा नहीं है इंडियन स्टॉक मार्केट, जानिए इस दिग्गज फंड मैनेजर ने क्यों ऐसा कहा

इंडियन मार्केट्स के महंगा होने की चर्चा काफी समय से चल रही है। इसकी बड़ी वजह पिछले कुछ सालों से इंडियन मार्केट में लगातार तेजी का रुख है। इससे कई सेक्टर और स्टॉक्स की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। फंड मैनेजर प्रशांत जैन ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी कई मामलों में उभरते देशों की इकोनॉमी से बेहतर स्थिति में है। ज्यादा वैल्यूएशन की यह वजह हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 05, 2024 पर 6:38 PM
बहुत महंगा नहीं है इंडियन स्टॉक मार्केट, जानिए इस दिग्गज फंड मैनेजर ने क्यों ऐसा कहा
प्रशांत जैन ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी का स्ट्रक्चर न सिर्फ इसे उतारचढ़ाव से बचाता है बल्कि इससे रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) भी ज्यादा रहता है।

पिछले काफी समय से इंडियन स्टॉक मार्केट के काफी महंगा होने की चर्चा चल रही है। हालांकि, बीते 6-8 दिनों में मार्केट में आई गिरावट के बाद वैल्यूएशन कम हुई है। लेकिन, कई एनालिस्ट्स का कहना है कि अब भी इंडिया में कई स्टॉक्स और सेक्टर की वैल्यूएशन ज्यादा है। लेकिन, दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन की राय इस मामले में थोड़ी अलग दिखती है। उनका कहा है कि इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है। उनका सवाल है कि दूसरे उभरते बाजारों की अभी वैल्यूएशन कैसी है। जैन 3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के सीआईओ और फंड मैनेजर हैं।

इंडियन इकोनॉमी कई मामलों में उभरते बाजारों से आगे

जैन ने कहा है कि प्रति व्यक्ति आय कम होने की वजह से इंडिया उभरते बाजारों (Emerging Markets) की कैटेगरी में आता है। लेकिन, कई मामलों में यह दूसरे उभरते बाजारों से काफी आगे हैं। इंडिया की इकोनॉमी न सिर्फ बड़ी है बल्कि इसकी ग्रोथ लगातार दूसरे उभरते बाजारों से ज्यादा रही है। उभरते बाजारों और इंडिया के बीच सबसे बड़ा अंतर इकोनॉमी के स्ट्रक्चर के मामले में है। जहां दूसरे उभरते बाजारों की निर्भरता मैन्युफैक्चरिंग, कमोडिटीज और एक्सपोर्ट्स पर है वही इंडिया की इकोनॉमी में सर्विस सेक्टर की बड़ी हिस्सेदारी है। इंडिया में कंजम्प्शन पर काफी फोकस है।

इंडियन इकोनॉमी का स्ट्रक्चर उतारचढ़ाव से बचाता है

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