IndiGo share price : दिसंबर में फ्लाइट में हुई गड़बड़ी से इंडिगो को लग सकता है 2000 करोड़ रुपये का झटका

IndiGo share price : कंपनी को होने वाले अनुमानित नुकसान में टिकट रिफंड, रेगुलेटर द्वारा तय पैसेंजर कंपनसेशन और एयरलाइन द्वारा घोषित गुडविल जेस्चर जैसे बड़े खर्चों के अलावा दूसरे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण खर्च भी शामिल हैं

अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 6:13 PM
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आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के रिसर्च एनालिस्ट शोभित सिंघल का कहना है कि दिसंबर में हुई गड़बड़ी के कारण इंडिगो के लगभग 1,913 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है

IndiGo share price : एविएशन इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो में बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल गड़बड़ी आई थी। इससे भारत का पैसेंजर फ्लाइट नेटवर्क अस्त-व्यस्त हो गया था। अनुमान है कि इससे देश की सबसे बड़ी एयरलाइन को 2,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है। इस अनुमानित नुकसान में टिकट रिफंड, रेगुलेटर द्वारा तय पैसेंजर कंपनसेशन और एयरलाइन द्वारा घोषित गुडविल जेस्चर(सरकार द्वारा तय मुआवजे के अतिरिक्त की गई सहायता) जैसे बड़े खर्च शामिल हैं। इसके साथ ही इसमें रेगुलेटरी पेनल्टी, बैंक गारंटी, होटल में रहने का खर्च, ग्राउंड ट्रांसपोर्ट और पैसेंजर के सामान की कूरियर डिलीवरी जैसे छोटे लेकिन जरूरी खर्च भी शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक इन खर्चों का एक हिस्सा इंटरग्लोब एविएशन( इंडिगो की पेरेंट कंपनी) द्वारा 22 जनवरी को घोषित किए जाने वाले दिसंबर तिमाही के नतीजों में दिखेगा,जबकि बाकी असर मार्च तिमाही में पड़ने की उम्मीद है। इस खर्चे में सबसे बड़ा हिस्सा 'जेस्चर ऑफ़ केयर' नाम से कंपनी द्वारा दिए अतिरिक्त मुआवजे ( गुडविल जेस्चर) का है । इस प्रोग्राम के तहत, जिन पैसेंजर्स की फ्लाइट्स 3 दिसंबर से 5 दिसंबर के बीच कैंसिल हो गईं या तीन घंटे से ज़्यादा लेट हुईं, उनमें से हर एक को 10,000 रुपये के वाउचर मिलेंगे। अकेले इस गुडविल जेस्चर की कुल लागत 500-1000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसके अलावा, सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) नियमों के तहत 300,000 से ज़्यादा फंसे हुए यात्रियों को 10,000 रुपये तक का मुआवज़ा दिया गया।

आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के रिसर्च एनालिस्ट शोभित सिंघल का कहना है कि दिसंबर में हुई गड़बड़ी के कारण इंडिगो के लगभग 1,913 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है। जिसमें (फ्लाइट) ऑपरेशन में 10% की कमी के कारण रेवेन्यू में हुआ नुकसान, 3 से 5 दिसंबर तक फ्लाइट कैंसलेशन के कारण हुआ नुकसान, FDTL नियमों का पालन करने के लिए अतिरिक्त हायरिंग के कारण कर्मचारियों के खर्च में हुई बढ़ोतरी, यात्रियों को दिया गया मुआवजा और DGCA द्वारा लगाया गया जुर्माना शामिल है। इस घाटे के चलते FY26 में कंपनी के EBITDA मार्जिन पर लगभग 290 बेसिस प्वाइंट और FY26 के रेवेन्यू पर लगभग 6.2 फीसदी का निगेटिव असर पड़ेगा।


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2-3 दिसंबर के आसपास शुरू हुई इस गड़बडी के पहले हफ़्ते में 2,500 से ज़्यादा फ़्लाइट्स कैंसिल हो गईं थी। इसके चलते इंडिगो ने कस्टमर्स को 827 करोड़ रुपये रिफ़ंड किए थे। इस दौरान, एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए 9,500 से ज़्यादा होटल के कमरे और लगभग 10,000 कैब और बसें अरेंज की थी।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी अभी भी इस गड़बड़ी के कुल असर का हिसाब लगा रही है। उम्मीद है कि यह घाटा 2,000 करोड़ रुपये से काफी ज़्यादा होगा, जो अपने आप में एक छोटा अनुमान है। इस खबर पर टिप्पणी के लिए इंडिगो को भेजे गए ईमेल का अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

इंडिगो के शेयर पर एक नजर

इंटरग्लोब एविएशन( इंडिगो की पेरेंट कंपनी) का शेयर आज 151.50 रुपए यानी 3.07 फीसदी की बढ़त के साथ 4790 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 4,941.50 रुपए और दिन का लो 4,775.00 रुपए है। 1 महीने में इस शेयर में 7.05 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, 1 साल में ये शेयर 16.42 फीसदी भागा है।

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