Investment Mantra : इस दिवाली करना चाहते हैं निवेश की शुरुआत तो मार्केट दिग्गजों से जानें टॉप फंड पिक्स और सही निवेश रणनीति
Investment Mantra : हर साल पोर्टफोलियो का रिव्यू करें। लॉन्ग टर्म लक्ष्यों के हिसाब से निवेश करें। निवेश की अवधि के मुताबिक रणनीति बनाएं। 10-15-25 साल के लक्ष्य के हिसाब से निवेश करें। सही एसेट एलोकेशन होना जरूरी है। जरूरत पर ही पोर्टफोलियो रीबैलेंस करें। बार-बार पोर्टफोलियो में बदलाव से बचें
Investment Mantra :रोजाना पोर्टफोलियो देखने से बचें। हर तिमाही पोर्टफोलियो पर नजर रखें। हर 6 महीने में अच्छी रिव्यू करें। साल में एक बार रीबैलेंसिंग जरूरी है। जल्दबाजी में फंड बदलने से बचें
Investment Mantra : इस दिवाली निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं? पर समझ नहीं आ रहा है क्या करें, शॉर्ट टर्म से लॉन्ग टर्म तक निवेश के लिए कैसी हो रणनीति? तो Moneyfront के सीईओ मोहित गांग और WISEINVEST के CEO हेमंत रुस्तगी से जानिए निवेश का सही प्लान, सही रणनीति और इन एक्सपर्ट्स की टॉप फंड पिक्स।
दिवाली पर निवेश की शुरुआत
इन दिग्जों का कहना है कि निवेश शुरू करने का कोई भी समय अच्छा होता है। निवेश से पहले गोल्स तय करना जरूरी होता है। हर गोल के लिए टाइम हॉराइजन तय करें। सही एसेट एलोकेशन सबसे जरूरी होता है। एसेट एलोकेशन से रिस्क और रिटर्न का बैलेंस बनता है। लंबी अवधि पर फोकस करने की सलाह होगी। इकोनॉमी और कंपनियों की अर्निंग पर नजर रखनी चाहिए। निवेश में अनुशासन और निरंतरता जरूरी होती है। उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश जारी रखें। सही प्लानिंग और रोडमैप से लक्ष्य हासिल होगा।
पोर्टफोलियो: क्रिएट और रीबैलेंस
हर साल पोर्टफोलियो का रिव्यू करें। लॉन्ग टर्म लक्ष्यों के हिसाब से निवेश करें। निवेश की अवधि के मुताबिक रणनीति बनाएं। 10-15-25 साल के लक्ष्य के हिसाब से निवेश करें। सही एसेट एलोकेशन होना जरूरी है। जरूरत पर ही पोर्टफोलियो रीबैलेंस करें। बार-बार पोर्टफोलियो में बदलाव से बचें। 1 साल के रिटर्न पर फैसला ना लें। फंड का लॉन्ग टर्म ट्रैक रिकॉर्ड देखें। अनुशासित निवेश से वेल्थ क्रिएशन करें।
सही पोर्टफोलियो बनाने की स्ट्रैटेजी
सबसे पहले सही एसेट एलोकेशन तय करें। इक्विटी, डेट और गोल्ड में बैलेंस निवेश करें। इक्विटी में लार्ज, मिड और स्मॉलकैप का रोल तय करें। शुरुआत डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो से करें। नए निवेशक थीमैटिक और सेक्टोरल फंड से बचें। पोर्टफोलियो में लार्जकैप को ज्यादा वेटेज दें। लार्जकैप में 40-45% एलोकेशन रखें। मल्टीकैप और लार्ज एंड मिडकैप पर फोकस करें। अनुभव बढ़ने पर मिड-स्मॉलकैप एलोकेशन बढ़ाएं। इनमें ज्यादा रिटर्न के साथ ज्यादा रिस्क भी होता है। जरूरत के हिसाब से पोर्टफोलियो रीबैलेंस करें। लक्ष्य करीब आने पर एलोकेशन बदलें।
3 साल के निवेश की रणनीति
इक्विटी में सीमित निवेश करें। 50-70% डेट और हाइब्रिड में निवेश करें। 30-40% इक्विटी में एलोकेशन करें। लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप में निवेश करें। कम अवधि में ज्यादा रिस्क लेने से बचें।
5 साल के निवेश की रणनीति
इक्विटी एलोकेशन 60% या उससे ज्यादा होना चाहिए। मिडकैप और मल्टीकैप में निवेश बढ़ाएं। बैलेंस हाइब्रिड फंड में निवेश करें। पोर्टफोलियो में लिक्विडिटी बनाए रखें। 10-15% डेट में रखें। 10-15% कमोडिटी और इंटरनेशनल निवेश रखें।
10-15 साल के निवेश की रणनीति
70-85% तक इक्विटी में निवेश करें। लार्ज, मिड और स्मॉलकैप में बैलेंस बनाएं। वैल्यू, क्वालिटी और मोमेंटम पर फोकस करें। 5-10% डेट में निवेश रखें। 10-20% गोल्ड और इंटरनेशनल एलोकेशन रखें। चारों एसेट क्लास से डायवर्सिफिकेशन मिलेगा
पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन
पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन जरूरी है। MF खुद में डायवर्सिफाइड निवेश विकल्प अपनाते हैं। ज्यादा फंड रखने से डायवर्सिफिकेशन नहीं बढ़ता। पोर्टफोलियो में फंड का ओवरलैप चेक करें। एक जैसे फंड्स से बचें। फंड की संख्या से ज्यादा कैटेगरी पर ध्यान दें। लार्ज, मिड और स्मॉलकैप में सही एक्सपोजर रखें। 4-5 फंड के पोर्टफोलियो में भी ओवरलैप जांचें।
पोर्टफोलियो रिव्यू और रीबैलेंसिंग
रोजाना पोर्टफोलियो देखने से बचें। हर तिमाही पोर्टफोलियो पर नजर रखें। हर 6 महीने में अच्छी रिव्यू करें। साल में एक बार रीबैलेंसिंग जरूरी है। जल्दबाजी में फंड बदलने से बचें। कम से कम 2 साल तक फंड को समय दें। फंड के प्रदर्शन के लिए 8 क्वार्टर का ट्रैक रिकॉर्ड देखें। लगातार कमजोर प्रदर्शन पर बदलाव पर विचार करें। बेंचमार्क और पीयर ग्रुप से तुलना करें। जरूरत के हिसाब से पोर्टफोलियो में बदलाव करें।
हेमंत रुस्तगी के टॉप पिक्स
Motilal Oswal Multi Cap, HSBC Mid Cap Fund, Helios Small Cap Fund और HDFC Flexi Cap Fund
मोहित गांग के टॉप पिक्स
UTI Nifty Next 50 Index Fund, Axis Multicap Fund, Bandhan Large & Mid Cap Fund और Bandhan Small Cap Fund
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।