अमेरिका में महंगाई की रफ्तार धीमी पड़ने, जून तिमाही में कंपनियों के नतीजे अनुमान से अच्छे रहने, विदेशी निवेशकों की तरफ से खरीदारी करने और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने अगस्त महीने में भारतीय शेयर बाजार को पिछले 4 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स (Sensex) जून महीने के अपने निचले स्तर से अब तक करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है और इस दौरान निवेशकों की संपत्ति करीब 39 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है।
BSE Sensex गुरुवार 11 अगस्त को 500 अंकों से अधिक की उछाल के साथ 59,333 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी-50 करीब 124 अंक उछलकर 17,659 अंक पर बंद हुआ। यह इन दोनों इंडेक्स का 11 अप्रैल के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। मिडकैप और स्मॉल कैप इंडेक्सों में भी इस दौरान अच्छी तेजी आई है।
BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स गुरुवार को क्रमश: 0.8 फीसदी और 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। मेटल और टेलीकॉम छोड़कर लगभग सभी सेक्टर्स ने आज की तेजी में योगदान दिया। बैंक, फाइनेंस, आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर के इंडेक्सों में 1 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि बाजार में आगे भी तेजी का रुख जारी रख सकता है। भारत सरकार शुक्रवार 12 अगस्त को जुलाई महीने के महंगाई के आंकड़े जारी करने वाली है। अनुमान है कि जुलाई महीने में देश की खुदरा महंगाई दर 7 फीसदी से कम रह सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह लगातार तीसरा महीना होगा जब महंगाई दर में गिरावट दर्ज की जाएगी।
शेयर बाजार के सेंटीमेंट में सुधार के साथ निवेशकों की संपत्ति में जून महीने के निचले स्तर से अब तक 39 लाख करोड़ का इजाफा हो चुका है। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 20 जून को 234.86 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार 11 अगस्त को बढ़कर 274.13 लाख करोड़ रुपये हो गया। सिर्फ अगस्त महीने में अब तक BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 7.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुका है।
Hem Securities में पीएमएस के हेड, मोहित निगम का मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट आय और FII की खरीदारी से बाजार की तेजी को सपोर्ट मिल रहा है। निगम ने सुझाव दिया कि बाजार में तेजी आगे भी जारी रहने की संभावना है और निवेशक इस दौरान अच्छी क्वालिटी वाले चुनिंदा शेयरों को पोर्टफोलियो में जोड़ सकते है।
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