निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में बड़े प्राइवेट बैंकों को करना चाहिए शामिल: Teji Mandi के वैभव अग्रवाल

वैभव अग्रवाल ने कहा कि अब आपको मेटल सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाने की रणनीति अपनानी होगी.

अपडेटेड Mar 01, 2022 पर 12:43 PM
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वैभव अग्रवाल ने आगे कहा कि अगर इन्वेस्टमेंट के नजरिए से देखें तो निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में बड़े प्राइवेट बैंकों को जरुर शामिल करना चाहिए क्योंकि प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक इस समय अच्छी पोजिशन में हैं.

SUNIL SHANKAR MATKAR

Teji Mandi के सीआईओ और फाउंडर वैभव अग्रवाल ने मनीकंट्रोल से हुई अपनी बातचीत में कहा कि यूएस फेड की नीतियों और जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते 2022 की शुरुआत भारी उतार-चढ़ाव के साथ हुई। ऐसे में कंपनियां अब अपने प्रस्तावित आईपीओ में देरी भी करती नजर आ रही हैं। इस बीच सरकार एलआईसी का आईपीओ लेकर आने की तैयारी में है। हालांकि अब इसमें देर होने की संभावना नहीं है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक लाइफ इंश्योरेंस दिग्गज एलआईसी का आईपीओ मार्च के दूसरे हफ्ते में आ सकता है।

इस बातचीत में वैभव अग्रवाल ने आगे कहा कि अगर इन्वेस्टमेंट के नजरिए से देखें तो निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में बड़े प्राइवेट बैंकों को जरुर शामिल करना चाहिए क्योंकि प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक इस समय अच्छी पोजिशन में हैं। उम्मीद है कि आगे इनसे बेहतर रिटर्न मिलते नजर आएंगे। बता दें कि वैभव अग्रवाल को स्टॉक मार्केट का एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।


अलग -अलग सेक्टर पर बात करते हुए वैभव अग्रवाल ने कहा कि अब आपको मेटल सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाने की रणनीति अपनानी होगी। इस समय एल्यूमिनियम जैसे नॉन फेरेस मेटल पर दांव लगाना ज्यादा बेहतर होगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बैकिंग सेक्टर उनका पसंदीदा सेक्टर है। बड़े प्राइवेट बैंकों को अपने पोर्टफोलियो में जरुर शामिल करना चाहिए। 6-7 साल बाद बैंकिंग सेक्टर का एनपीए साइकिल कंसोलिडेट हो गया है और क्रेडिट ग्रोथ अपने साइकिल के निचले स्तर से सुधरता नजर आ रहा है। आगे हमें बैंकों के NIM में सुधार होता दिखेगा। ऐसे में बड़े प्राइवेट बैंकों पर नजर रखने की सलाह होगी।

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इस समय तमाम स्टॉक अपने 200 Day SMA के नीचे चल रहे है। यहां तक की निफ्टी भी अपने 200 DMA के नीचे है। ऐसे में 200 DMA का क्या महत्तव है औऱ क्या हमें इस समय में खरीदारी करनी चाहिए जो अपने 200 DMA के नीचे कारोबार कर रहे हैं। इस सवाल का जबाव देते हुए वैभव अग्रवाल ने कहा कि 200Day SMA का मतलब यह होता है कि स्टॉक की कीमतें अपने 200 दिन के ट्रेंड से नीचे हैं। 200 दिन का मतलब 5-6 महीने के आसपास होता है। इसका मतलब यह है कि मार्केट में काफी हेल्दी करेक्शन हो चुका है और यह मौका फंडामेंटल तौर पर मजबूत किसी स्टॉक में एंट्री करने का अच्छा मौका होता है।

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