IPO : आईपोओ मार्केट का जोश फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है और मार्च, 2022 तिमाही में लगभग दो दर्जन कंपनियां इनीशियल शेयर सेल के जरिए 44,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। मर्चेंट बैंकरों ने रविवार को यह जानकारी दी है। खास बात यह है कि इस तिमाही में पब्लिक इश्यू लाने वाली ज्यादातर कंपनियां टेक्नोलॉजी आधारित हैं।
2021 में 63 कंपनियों ने जुटाए 1.2 लाख करोड़
2021 में महामारी के इकोनॉमी पर असर के बावजूद 63 कंपनियों ने रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। इन कंपनियों के अलावा पावरग्रिड इनविट (बुनियादी ढांचा निवेश न्यास) ने आईपीओ के जरिये 7,735 करोड़ रुपए जुटाए थे, वहीं ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट ने रीट (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) के जरिए 3,800 करोड़ रुपए की रकम जुटाई थी। अत्यधिक लिक्विडिटी, अच्छे लिस्टिंग गेन और रिटेल इनवेस्टर्स की बड़ी भागीदारी के दम पर 2021 में आईपीओ मार्केट गुलजार रहा।
ओयो का होगा सबसे बड़ा आईपीओ
मर्चेंट बैंकरों ने कहा कि मार्च तिमाही में ओयो (8,430 करोड़ रुपये) और सप्लाई चेन कंपनी डेल्हीवेरी (7,460 करोड़ रुपये) द्वारा आईपीओ के जरिये फंड जुटाने की उम्मीद है। इनके अलावा अडाणी विल्मर (4,500 करोड़ रुपये), एमक्योर फार्मास्युटिकल्स (4,000 करोड़ रुपये), वेदांत फैशंस (2,500 करोड़ रुपये), पारादीप फॉस्फेट्स (2,200 करोड़ रुपये), मेदांता (2,000 करोड़ रुपये) और इक्सिगो (1,800 करोड़ रुपये) के आईपीओ भी इसी तिमाही में आने की उम्मीद है।
मर्चेंट बैंकरों ने बताया कि स्कैनरे टेक्नोलॉजिज, हेल्थियम मेडटेक और सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज भी मार्च तिमाही के दौरान आईपीओ ला सकती हैं।
दुनिया में एक्सपैंड करना चाहती हैं टेक कंपनियां
रिकुर क्लब के फाउंडर एकलव्य ने कहा, “कंपनियों द्वारा आईपीओ के जरिए लिस्टिंग पूंजी जुटाने के लिए की जाती है, जिससे उनके शेयर की लिक्विडिटी बढ़ती है और साथ ही वैल्युएशन की खोज में भी मदद मिलती है।”
LearnApp.com के फाउंडर और सीईओ प्रतीक सिंह ने कहा कि टेक कंपनियां अब दुनिया भर में एक्सपैंड करना चाहती हैं, जिसके लिए उन्हें पूंजी की जरूरत होगी और यह पूंजी आईपीओ रूट से जुटाई जा रही है।