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US-Iran War में झुलसी KRBL-LT Foods जैसी चावल कंपनियां, 8% तक टूट गए शेयर

Iran-Israel War Impact: अमेरिका और ईरान की लड़ाई ने घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स की भी तगड़ी पिटाई होने लगी। मिडिल ईस्ट में मची उथल-पुथल ने भारत से चावल निर्यात करने वाली कंपनियों के शेयरों को तोड़ दिया। जानिए कि भारतीय राइस एक्सपोर्टर्स के लिए मिडिल ईस्ट कितना अहम बाजार है?

Translated By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 02, 2026 पर 1:11 PM
US-Iran War में झुलसी KRBL-LT Foods जैसी चावल कंपनियां, 8% तक टूट गए शेयर
मिडिल ईस्ट दिग्गज एक्सपोर्टर्स के लिए काफी अहम है। केआरबीएल को बासमती चावल के निर्यात से जितना रेवेन्यू हासिल होता है, उसमें से करीब 61% तो मिडिल ईस्ट और GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) से आता है। (File Photo- Pexels)

Iran-Israel War Impact: ईरान की अमेरिका और इजरायल की लड़ाई ने जियोपॉलिटिल टेंशन बढ़ा दिया। इसके चलते मिडिल ईस्ट में काफी उथल-पुथल मची है जिसने भारत से चावल निर्यात करने वाली कंपनियों को तगड़ा शॉक दे दिया। चावल निर्यात करने वाली दिग्गज कंपनी एलटी फूड्स के शेयर करीब 8% टूट गए तो चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट्स (Chaman Lal Setia Exports) के शेयर 4% और केआरबीएल (KRBL) के शेयर 2% टूट गए। वहीं दूसरी तरफ घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इनमें बिकवाली का भारी दबाव दिखा। सेंसेक्स (Sensex) 2700 प्वाइंट्स से अधिक फिसलकर 78550 के नीचे 78,543.73 तो निफ्टी 50 भी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसलकर 24650 के नीचे 24,645.10 तक आ गया।

राइस एक्सपोर्ट्स पर क्यों भारी पड़ी मिडिल-ईस्ट की उथल-पुथल?

बासमती और गैर-बासमती, दोनों प्रकार के चावलों के लिए मिडिल ईस्ट काफी अहम बाजार है। इंडियन राइस एक्सपोर्ट्स फेडरेशन के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल और नवंबर 2025 में ईरान को ₹4049 करोड़ का बासमती चावल निर्यात हुआ था तो सऊदी अरब को इससे भी अधिक ₹5217 करोड़ का बासमती चावल भेजा गया था। इस दौरान कुवैत को ₹1098 करोड़ का तो इजरायल को ₹381 करोड़ का बासमती चावल निर्यात हुआ था। वहीं गैर-बासमती चावल की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 यानी कि चालू वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीने में सऊदी अरब को ₹631 करोड़, ईरान को ₹21.75 करोड़ और इजरायल को ₹15.57 करोड़ का चावल निर्यात हुआ था।

मिडिल ईस्ट दिग्गज एक्सपोर्टर्स के लिए काफी अहम है। केआरबीएल को बासमती चावल के निर्यात से जितना रेवेन्यू हासिल होता है, उसमें से करीब 61% तो मिडिल ईस्ट और GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) से आता है। इस प्रकार मिडिल ईस्ट को निर्यात करने में किसी प्रकार की रुकावट आने पर तगड़ा शॉक लगता है। दावत (Daawat) ब्रांड की पैरेंट कंपनी एलटी फूड्स की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इसके रेवेन्यू का करीब 9% हिस्सा मिडिल ईस्ट को निर्यात से आया।

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