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IT Stocks : ब्रोकरेज से जानिए कैसे रह सकते हैं IT कंपनियों के Q4 नतीजे, ईरान युद्ध का इन पर क्या होगा असर

IT Stocks : बाज़ार का मानना ​​है कि मार्च तिमाही में आईटी कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों पर उतना फोकस नहीं होगा जितना वित्त वर्ष 2027 के लिए जारी इनके गाइडेंस पर होगा। बाजार की नजर खास तौर पर इन कंपनियों की ग्रोथ की संभावना, AI से होने कमाई और मार्जिन की स्थिरता के संकेतों पर होगी

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 4:39 PM
IT Stocks : ब्रोकरेज से जानिए कैसे रह सकते हैं IT कंपनियों के Q4 नतीजे, ईरान युद्ध का इन पर क्या होगा असर
IT Stocks : HDFC सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के कहना है मांग के आउटलुक, क्लाइंट बजट, AI के कारण कीमतों में कमी के असर और युद्ध की स्थिति के कारण निर्णय लेने में हो रही देरी पर मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर बारीकी से नज़र रहेगी

IT Stocks : ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि भारत का आईटी सर्विस सेक्टर वित्त वर्ष 2026 को एक बार फिर सुस्त रफ़्तार के साथ समाप्त करेगा। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में आईटी कंपनियों के तिमाही ग्रोथ रेट धीमी रहने की संभावना है। हालांकि, फॉरेन एक्सचेंज दर में अनुकूल बदलावों (currency tailwinds) की मदद से सालाना आधार पर इन कंपनियों के आंकड़ों में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।

हालांकि मांग की स्थिति में स्थिरता नज़र आ रही है,लेकिन विश्लेषक भू-राजनीतिक तनावों से बढ़ती अनिश्चितता और कीमतों तथा डील के ढांचे पर Generative AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर आगाह किया जा रहा है। बाज़ार का मानना ​​है कि मार्च तिमाही के आईटी कंपनियों के नतीजों पर वित्तीय आंकडों पर ज्यादा ध्यान न देकर सबका फोकस FY27 के लिए जारी गाइडेंस पर ज़्यादा होगा। खास तौर पर ग्रोथ की संभावना,AI से होने वाली कमाई और मार्जिन की स्टेबिलिटी पर सबकी नजरें रहेंगी।

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों में इन 5 थीम्स पर रहेगी नजर

ब्रोकरेज फर्मों को मोटे तौर पर उम्मीद है कि तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही एक सुस्त तिमाही रहेगी। इसमें टियर-I कंपनियों की ग्रोथ एक सीमित दायरे में ही रह सकती है। ब्रोकरेज फर्म HDFC सिक्योरिटीज का अनुमान है कि कॉन्सेटेंट करोंसी के आधार पर टियर-I कंपनियों की ग्रोथ तिमाही आधार पर -1.1 फीसदी से 0.9 फीसदी के बीच रह सकती है। जबकि, मिड-टियर कंपनियों की ग्रोथ -1.8 फीसदी से 3.4 फीसदी के बीच रहने की संभावना है।

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