IT Stocks Prices Today: आईटी कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों में 2-3 फीसदी का उछाल आया। इस हफ्ते की शुरुआत में बड़ी गिरावट के बाद अब आईटी शेयरों में रिकवरी दिख रही है। 25 फरवरी को अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के स्टॉक्स उछाल के साथ बंद हुए थे। इसका असर 26 फरवरी को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। सवाल है कि क्या आईटी शेयरों में यह तेजी जारी रहेगी?
आईटी स्टॉक्स में दूसरे दिन उछाल
26 फरवरी को सुबह 9:28 बजे Nifty IT Index 0.88 फीसदी की तेजी के साथ 30,796 पर पहुंच गया। इसके मुकाबले सेंसेक्स में 0.06 फीसदी और निफ्टी में 0.12 फीसदी की तेजी थी। HCL Tech का शेयर 3.7 फीसदी के उछाल के साथ 1,388 रुपये पर पहुंच गया था। TCS का शेयर भी 3 फीसदी चढ़कर 2,649.9 रुपये पर था। टेक महिंद्रा, इंफोसिस के शेयरों में भी मजबूती दिखी। हालांकि, बाद में तेजी कुछ कम हो गई।
कई हफ्तों सें आईटी शेयरों में बिकवाली
बीते कई हफ्तों से आईटी शेयर दबाव में रहे हैं। इसकी वजह एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के नए एआई टूल्स हैं। माना जा रहा है कि ये टूल्स ऐसे सभी काम कर सकते हैं, जो अभी आईटी कंपनियां करती हैं। इसका मतलब है कि आगे आईटी कंपनियों के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। इस डर से इनवेस्टर्स आईटी कंपनियों के शेयर बेच रहे हैं, जिससे कीमतें लगातार गिर रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई टूल्स का असर छोटी-बड़ी सभी तरह की आईटी कंपनियों के बिजनेस पर पड़ सकता है।
25 फरवरी को यूएस आईटी स्टॉक्स उछले
अमेरिका में टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में 25 फरवरी को बड़ी तेजी आई थी। Nasdaq Composite 1.26 फीसदी चढ़कर 23,152 रुपये पर बंद हुआ था। Microsoft का शेयर 2.98 फीसदी के उछाल के साथ 400 डॉलर पर बंद हुआ। Apple का शेयर 0.77 फीसदी चढ़कर 274 डॉलर पर बंद हुआ। Alphabet का शेयर 0.68 फीसदी चढ़कर 313 डॉलर पर बंद हुआ। Amazon का शेयर 1 फीसदी के उछाल के साथ 210 डॉलर पर क्लोज हुआ।
आईटी शेयरों पर सीएलएसए की राय
आईटी शेयरों को लेकर ब्रोकरेज की राय बंटी हुई है। सीएलएसए जैसे ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियों के बिजनेस पर एआई के असर को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया जा रहा है। कई आईटी कंपनियों के मैनेजमेंट ने साल 2026 में रिकवरी की उम्मीद जताई है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इनवेस्टर्स Infosys, Tech Mahindra, Coforge और Persistent Systems जैसी कंपनियों पर भरोसा कर सकते हैं। हालांकि, उसने छोटी-बड़ी कई कंपनियों के शेयरों के प्राइस टारगेट घटा दिए हैं। इसकी वजह उसने वैल्यूएशंस में डी-रेटिंग बताई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
एनालिस्ट्स का कहना है कि आईटी कंपनियों के कारोबार पर AI के असर के बारे में अभी ठीक तरह से कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल आईटी शेयरों को लेकर सेंटिमेंट कमजोर है। बहुत ज्यादा रिस्क लेने की कपैसिटी वाले इनवेस्टर्स को ही इन शेयरों पर दांव लगाना चाहिए। बाकी इनवेस्टर्स को तस्वीर साफ होने तक इंतजार करना चाहिए। जो इनवेस्टर्स आईटी कंपनियों में फंसे हुए हैं, वे तेजी के मौके का इस्तेमाल शेयरों से निकलने के लिए कर सकते हैं।
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