IT stocks : 12 फरवरी के ट्रेड में भारतीय IT कंपनियों के शेयरों की भारी पिटाई हो रही है। वॉल स्ट्रीट की टेक कंपनियों में आई गिरावट का असर हमारे बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। अमेरिका में जनवरी के उम्मीद से बेहतर जॉब्स रिपोर्ट और AI से जुड़ी नई दिक्कतों के बीच इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट खराब हुआ है। आईटी शेयर की जोरदार पिटाई की वजह से निफ्टी IT इंडेक्स 4 फीसदी से ज़्यादा नीचे चला गया और आज मार्केट में टॉप सेक्टोरल लूज़र बन गया है।
2025 में लगभग 13 फीसदी गिरने के बाद, 2026 में आईटी इंडेक्स अब तक लगभग 11 फीसदी गिर गया है। इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली दिक्कतों के बारे में बढ़ती चिंताएं हैं जो सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनियों की कमाई पर दबाव डाल सकती हैं।
कोफोर्ज और इंफोसिस के शेयर लगभग 5 फीसदी नीचे दिख रहे हैं। इंफोसिस पिछले साल 17 अप्रैल के बाद के सबसे निचले लेवल पर आ गया है। TCS, टेक महिंद्रा, एम्फैसिस, LTI माइंडट्री और परसिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर 4 फीसदी से ज़्यादा गिरे हैं। HCL टेक्नोलॉजीज़ और विप्रो के शेयर 3 फीसदी से ज़्यादा गिरे हैं।
क्यों गिर रहे हैं IT स्टॉक्स ?
US में जॉब ग्रोथ जनवरी में अचानक बढ़ी है और अनएम्प्लॉयमेंट रेट गिरकर 4.3 फीसदी हो गई है। लेबर मार्केट में स्थिरता के ये संकेत फेडरल रिजर्व को कुछ समय के लिए इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव न करने की गुंजाइश दे सकते हैं। ऐसे में पॉलिसी बनाने वालों की नजर ग्रोथ पर होकर महंगाई पर रह सकती है। यूएस में रेट कट की उम्मीद कम होने से आईटी शेयरों पर दबाव बना है। इसके अलावा AI को लेकर उभर रही नई चिंताओं ने भी इन शेयरों पर दबाव बनाया है।
US में जॉब रिपोर्ट जारी होने के बाद,वॉल स्ट्रीट की बड़ी टेक कंपनियों में भारी गिरावट आई। सॉफ्टवेयर सेक्टर की बड़ी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट 2.2 फीसदी गिरी और S&P 500 में सबसे बड़ी लूज़र रही। उसके बाद अल्फाबेट 2.4 फीसदी नीचे आ गई। S&P 500 सॉफ्टवेयर इंडेक्स 2.6 परसेंट गिरा।
एंथ्रोपिक के लीगल AI टूल लॉन्च करने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉम्पिटिशन बढ़ा सकता है। इस चिंता की वजह से पिछले हफ्ते की शुरुआत में,IT स्टॉक्स में काफी गिरावट देखी गई थी। एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लाउड AI चैटबॉट के लिए लीगल टूल लॉन्च करने के बाद, इन्वेस्टर्स को चिंता है कि AI सॉफ्टवेयर बनाने वालों के लिए और ज़्यादा कॉम्पिटिशन पैदा हो रहा है।
AI डेवलपर एंथ्रोपिक ने अपने क्लाउड कोवर्क एजेंट के लिए प्लग-इन लॉन्च किए हैं जो लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस के कामों को ऑटोमेट कर सकते हैं। ट्रेडर्स और एनालिस्ट्स के मुताबिक इस कदम से डेटा और प्रोफेशनल सर्विसेज़ इंडस्ट्री में AI से होने वाले असर को लेकर की चिंता बढ़ गई है।
वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर का कहना है कि IT स्टॉक्स में आज की गिरावट "बिना सोचे-समझे रिएक्शन और IT के लिए असली खतरे की चिंताओं का मिलाजुला असर है।" बोलिंजकर ने आगे कहा,"AI ऑटोमेशन टॉप इंडियन IT फर्मों में लेबर-हैवी मॉडल्स को टारगेट करता है,जिससे बिलेबल घंटे और हेडकाउंट कम हो जाते हैं।" उनका यह भी मानना है कि आगे इस सेक्टर में और गिरावट आ सकती है।
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