IT Vs AI : आईटी कंपनियों के लिए अस्तित्व की जंग या बदलाव का मौका, AI का देश की GDP पर क्या होगा असर ?

IT Vs AI:भारतीय IT सेक्टर के लिए AI का संकट गहराता जा रहा है और यह एक तरह से आईटी कंपनियों के लिए अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। AI का विस्तार इकोनॉमी के लिए किस तरह की चुनौती खड़ा कर रहा है

अपडेटेड Feb 26, 2026 पर 2:32 PM
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IT Stocks : AI सर्विसेज, मिड और सीनियर लेवल को रिप्लेस कर रही हैं। AI क्रिएटिव वर्क करेगा तो वर्क फोर्स डिमांड घटेगी

IT Vs AI : लगातार बिकवाली के दबाव के बीच निफ्टी IT इंडेक्स 23 साल में अपने सबसे बुरे फरवरी महीने की ओर बढ़ रहा है। इस सेक्टर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली परेशानी का असर देखने को मिल रहा है। फरवरी 2026 में अब तक निफ्टी IT इंडेक्स में 21 फीसदी की गिरावट आई है,जो अप्रैल 2003 के बाद से इसकी सबसे बड़ी मंथली गिरावट है। अप्रैल 2003 में यह 24 फीसदी से ज़्यादा गिरा था। इस महीने अब तक,निफ्टी IT इंडेक्स का मार्केट कैप 6.4 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा घट गया है।

भारतीय IT सेक्टर के लिए AI का संकट गहराता जा रहा है और यह एक तरह से आईटी कंपनियों के लिए अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। AI का विस्तार इकोनॉमी के लिए किस तरह की चुनौती खड़ा कर रहा है, इस मुद्दे पर CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने एडेलवाइस के प्रेसिडेंट अजय शर्मा से खास बातचीत की है। यहां हम इस बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं।

क्या भारतीय IT सेक्टर अस्तित्व की लड़ाई कर रहा है?


भारतीय IT कंपनियों की वैल्यू 250 अरब डॉलर है। 120 अरब डॉलर कर्मचारियों की सैलरी का खर्च है। पिछले 30 सालों में लगातार रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिली है। अब कोडिंग और ऑटोमेशन के लिए AI का इस्तेमाल हो रहा है। IT कंपनियों का काम फिलहाल कोडिंग और प्रोजेक्ट सर्विसिंग है। AI सर्विसेज, मिड और सीनियर लेवल को रिप्लेस कर रही हैं। AI क्रिएटिव वर्क करेगा तो वर्क फोर्स डिमांड घटेगी। सवाल है कि कंपनियां खुद को कैसे ट्रांसफॉर्म करेंगी?

AI कैसे कंपनियों के काम को रिप्लेस कर रहा है?

3-4 दिन के काम को AI 10 मिनट में कर रहा है। रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की नई लहर आने की संभावना है। भविष्य में AI इंसानों को भी रिप्लेस करेगा। AI के तहत थोड़ी बहुत नई नौकरियां आएंगी। एंथ्रोपिक का मार्केट कैप 380 अरब डॉलर है। एंथ्रोपिक में केवल 2700 कमर्चारी हैं। एंथ्रोपिक का वैल्यूएशन सभी भारतीय IT कंपनियों से अधिक है। पूरी दुनिया का AI सिर्फ 2 से 5 बड़ी कंपनियां बना रही हैं। ।US की 4 और चीन की 1 कंपनी पूरी दुनिया का AI बना रही हैं। लॉन्ग टर्म AI डेवलपमेंट के लिए 200 अरब डॉलर का निवेश होगा।

AI का देश की GDP पर क्या असर होगा?

AI लागत कम करके उत्पादकता बढ़ा सकता है। यह नई इंडस्ट्री और इकोसिस्टम बना सकता है। AI को सही समय पर इस्तेमाल करता चाहिए था। AI का सही इस्तेमाल करना सीखना जरूरी है। AI को लेकर नैतिकता से जुड़े सवाल उठे हैं। AI का गलत इस्तेमाल होता है। इस रोक की जरूरत है।

एंथ्रोपिक का वैल्यूएशन इतना ऊंचा क्यों?

फरवरी 2024 में एंथ्रोपिक में निवेश किया था। अच्छे बिजनेस और अच्छे प्राइस पर निवेश किया था। 2024 में एंथ्रोपिक का मार्केट कैप 18 अरब डॉलर था। गूगल सर्च को भी AI ने रिप्लेस किया है। एंथ्रोपिक, AI टूल पर आगे 1 ट्रिलयन डॉलर की कंपनी बन सकती है। AI अगर ऑपरेटिंग सिस्टम बना तो वैल्यू और बढ़ सकती है। आजकल हर क्षेत्र में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

 

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