Get App

जैनम के चेयरमैन मिलन पारिख ने इनवेस्टर्स को लंबी अवधि के लक्ष्य पर फोकस करने की दी सलाह

अमेरिका-ईरान लड़ाई का भारतीय बाजारों पर दूसरे बाजारों के मुकाबले ज्यादा असर पड़ा है। अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। एशिया में दक्षिण कोरिया के बाजार में जबर्दस्त तेजी है। लेकिन, भारतीय बाजारों में बड़ी कमजोरी दिख रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 02, 2026 पर 6:40 PM
जैनम के चेयरमैन मिलन पारिख ने इनवेस्टर्स को लंबी अवधि के लक्ष्य पर फोकस करने की दी सलाह
2 जून को भारतीय बाजार चार दिनों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद हुए।

भारतीय शेयर बाजारों में लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद 2 जून को तेजी दिखी। मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन और क्रूड ऑयल में उछाल का काफी असर भारतीय शेयर बाजारों पर पड़ा है। भारतीय बाजार में कमजोरी पहले से थी। अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने दबाव बढ़ा दिया है।

दुनिया के दूसरे बाजारों पर अमेरिका-ईरान लड़ाई का ज्यादा असर नहीं पड़ा है। अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। एशिया में दक्षिण कोरिया के बाजार में जबर्दस्त तेजी है। मनीकंट्रोल ने भारतीय बाजार में गिरावट की वजह जानने के लिए जैनम के चेयरमैन एवं एमडी मिलन पारिख से बात की। उनसे यह भी पूछा कि बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बीच नए निवेशकों को क्या करना चाहिए?

शेयर बाजार में बीते कुछ महीनों से काफी उतार-चढ़ाव है, ऐसे में नए निवेशकों को क्या करना चाहिए?

शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ने की कई वजहें हैं। अब खबरें, कैपिटल फ्लो और दुनिया में होने वाली घटनाओं की जानकारी पहुंचने में वक्त नहीं लगता है। रिटेल इनवेस्टर्स या ट्रेडर्स को इस उतार-चढ़ाव को रिस्क की तरह नहीं देखना चाहिए। आसान शब्दों में कहा जाए तो उतार-चढ़ाव एक तरह से अनिश्चितिता, लिक्विडिटी की स्थिति में बदलाव या उम्मीदों में बदलाव पर प्रतिक्रिया है। निवेशकों को इस उतार-चढ़ाव के बीच ऐलोकेशन में अनुशासन बनाए रखने की जरूरत है। साथ ही उन्हें शॉर्ट टर्म सेंटिमेंट से बचना होगा। उन्हें रोजाना के उतार-चढ़ाव की जगह लंबी अवधि के अपने वित्तीय लक्ष्य और अच्छी क्वालिटी के बिजनेसेज पर फोकस बनाए रखना चाहिए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें