इसकी बड़ी वजह सेक्टर कंपोजिशन, वैल्यूएशन कंफर्ट और ग्लोबल कैपिटल पोजिशनिंग है। ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और एक्सपोर्ट्स पर फोकस करने वाली कंपनियां हैं। इन कंपनियों को ग्लोबल AI, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवान्स्ड मैन्युफैक्चरिंग साइकिल का फायदा मिल रहा है। विदेशी इनवेस्टर्स की दिलचस्पी उन थीम में है, जहां शॉर्ट टर्म में ज्यादा ग्रोथ दिख रही है। इंडिया में ज्यादातर कंपनियों का फोकस डोमेस्टिक डिमांड पर है। इनमें फाइनेंशियल्स, कंजम्प्शन और सर्विस आधारित कंपनियां शामिल हैं। इस वजह से ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों का प्रदर्शन इंडिया के मुकाबले बेहतर है।