Jal Jeevan Mission linked Stocks: कुछ राज्यों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद पिछले साल नवंबर में जल जीवन मिशन की फंडिंग रोकने के बाद अब एक बार फिर यह सुर्खियों में है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना के विस्तार को मंजूरी दी है। सिर्फ यही नहीं, कैबिनेट ने इस पर खर्च के दायरे को भी बढ़ा दिया है। चूंकि इस योजना का फायदा ऐसी कई कंपनियों को भी मिलता है जोकि स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं तो यहां ऐसी कंपनियों के बारे में बताया जा रहा है जिनके लिए जल जीवन मिशन का विस्तार पॉजिटिव न्यूज है।
Jal Jeevan Mission के विस्तार से इन स्टॉक्स पर फोकस
कल्पतरू प्रोजेक्ट्स का टोटल ऑर्डर बुक करीब ₹64,600 करोड़ का है जिसमें से करीब ₹8,400 करोड़ जल जीवन मिशन से जु़ड़ा है। अपने लेटेस्ट अर्निंग्स कॉल में मैनेजमेंट ने कहा था कि पानी के बिजनेस से मिले रेवेन्यू में सुधार शुरू हो गया है, खासतौर से इस साल जनवरी में शुरू हुए उत्तर प्रदेश जल जीवन मिशन से। अब तक वाटर बिजनेस को ₹1,250 करोड़ के ऑर्डर मिल चुके हैं। कंपनी ने चौथी तिमाही से रेवेन्यू में सुधार की उम्मीद भी जताई।
केईसी इंटरनेशनल का ओवरऑल ऑर्डर बुक ₹39,300 करोड़ का है जिसमें ₹1,600 करोड़ तो जल जीवन मिशन से है।
एनसीसी के ₹71,900 करोड़ के कुल ऑर्डर बुक में से ₹700 करोड़ तो जल जीवन मिशन से है।
जल जीवन मिशन के विस्तार से एलएंडटी (L&T), वेलस्पन एंटरप्राइजेज (Welspun Enterprises), पीएनसी इंफ्राटेक (PNC Infratech), दिलीप बिल्डकॉन (Dilip Buildcon), और एफकॉन्स इंफ्रा (Afcons Infra) को भी फायदा मिल सकता है। साथ ही यह शक्ति पम्प्स (Shakti Pumps), केएसबी (KSB), और किर्लोस्कर ब्रदर्स (Kirloskar Brothers) जैसी पम्प सप्लाई करने वाली कंपनियों के साथ-साथ फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज (Finolex Industries), एस्ट्रल (Astral), प्रिंस पाइप्स (Prince Pipes) और सुप्रीम इंडस्ट्रीज (Supreme Industries) जैसी पाइप बनाने वाली कंपनियों के लिए भी पॉजिटिव है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार 10 मार्च को जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस पर ₹8.69 लाख करोड़ का खर्च आएगा। इसमें से केंद्र सरकार का हिस्सा ₹2.08 लाख करोड़ (2019-20) से बढ़ाकर ₹3.59 लाख करोड़ कर दिया गया है। बाकी पैसा राज्य सरकारें देंगी। इससे पहले कुछ राज्यों में भ्रष्टाचार के मामले बड़े पैमाने पर आने के बाद पिछले साल नवंबर में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए नई फंडिंग रोक दी थी। इसके चलते कई EPC कंपनियों के पेमेंट में देरी हुई थी। जल जीवन मिशन का उद्देश्य गांवों के सभी घरों में व्यक्तिगत नल कनेक्शन के जरिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।