Japan News: जापान के शेयरों की रिकॉर्ड तेजी आज 11 मार्च को एकाएक थम गई। जापान की जीडीपी ग्रोथ के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों ने मार्केट पर अच्छा-खासा दबाव डाला। इसके चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि बैंक ऑफ जापान अब अपनी हद से अधिक ढीली मौद्रिक नीतियों को वापस ले सकता है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसने मुनाफावसूली की स्पीड काफी तेज कर दी। धड़ाधड़ मुनाफावसूली के चलते जापान का इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) करीब 3 फीसदी टूट गया। इसके अलावा ब्रोडर इंडेक्स टॉपिक्स (Topix) भी करीब 3 फीसदी फिसल गया। इस तेज गिरावट के चलते 21 फरवरी के बाद से निक्केई 225 पहली बार फिर 39 हजार के नीचे फिसल गया।
जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों से कैसे पड़ा असर
जापान के रिवाइज्ड ऑफिशियल डेटा के मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर 2023 में इसकी जीडीपी 0.4 फीसदी की रफ्चार से बढ़ी जबकि इससे पहले अनुमान लगाया गया था कि यह 0.4 फीसदी की रफ्तार से सिकुड़ सकती है। उम्मीद से बेहतर जीडीपी आंकड़ों से यह माना जा रहा है कि बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरें बढ़ाने की योजना का रास्ता साफ हो गया है। बैंक ऑफ जापान का अनुमान है कि इस साल की सालाना वेतन वार्ता में वेतन में भारी-भरकम बढ़ोतरी हो सकती है जिसके चलते केंद्रीय बैंक नकारात्मक दरों को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। इस पर फैसला अगले हफ्ते हो सकता है, जब बैंक ऑफ जापान की दो दिनों की पॉलिसी-सेटिंग मीटिंग 18-19 मार्च को होगी।
35 साल बाद का हाई कायम नहीं रहा Nikkei का
निक्कई ने कुछ दिनों पहले मार्च के शुरुआत में ही करीब 35 साल बाद एक नई ऊंचाई पर पहुंचा था और पहली बार इसने 40 हजार का लेवल पार किया था। टेक शेयरों में मजबूत उछाल के दम पर ही इसे तगड़ा सपोर्ट मिला था। चिप बनाने वाली और चिप से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी का रुझान दिखा था क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के चलते आने वाले महीने में डिमांड तेजी से बढ़ने की उम्मीद लगाई गई। हालांकि अब इन्हीं टेक शेयरों ने ही आज मार्केट को पटक दिया और खींचकर 39 हजार के नीचे ला दिया।