Jewellery Stocks Crash : गोल्ड पर PM मोदी की अपील ने दिखाया असर, टाइटन, सैंको गोल्ड और दूसरे ज्वेलरी स्टॉक्स 10% तक टूटे

Jewellery Stocks Crash : पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत पर ज़ोर देते हुए,मोदी ने एक साल के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्रा टालने की अपील की। ​​उन्होंने कहा,"हमें किसी भी तरह से विदेशी मुद्रा बचानी होगी" और साथ ही यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोल और उर्वरकों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं

अपडेटेड May 11, 2026 पर 10:43 AM
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Jewellery Stocks Crash : 11 मई को सुबह 10 बजे के आसपास टाइटन के शेयर 7% गिरकर निफ्टी के टॉप लूजर में नजर आ रहे थे। मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शुक्रवार को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छूने के बाद यह शेयर आज गिर गया है

Jewellery Stocks Crash : 11 मई को टाइटन,सेंको गोल्ड और दूसरे ज्वेलरी स्टॉक्स में 10% तक की गिरावट आई है। यह गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के एक दिन बाद आई,जिसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्रा को टालने जैसे उपायों का सुझाव दिया था। पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत पर ज़ोर देते हुए,मोदी ने एक साल के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्रा टालने की अपील की। ​​उन्होंने कहा,"हमें किसी भी तरह से विदेशी मुद्रा बचानी होगी" और साथ ही यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोल और उर्वरकों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि जब सप्लाई चेन पर दबाव पड़ता है,तो स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कई उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

ज्वेलरी स्टॉक्स टूटे

11 मई को सुबह 10 बजे के आसपास टाइटन के शेयर 7% गिरकर निफ्टी के टॉप लूजर में नजर आ रहे थे। मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शुक्रवार को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छूने के बाद यह शेयर आज गिर गया है। इसी तरह कल्याण ज्वेलर्स,सेंको गोल्ड और PC ज्वेलर्स जैसे दूसरे ज्वेलरी शेयरों में भी 10% तक की गिरावट देखने को मिली है।


बाजार पर एक नजर

सुबह 10 बजे के आसपास सेंसेक्स 1,045.91 अंक या 1.35% गिरकर 76,282.28 पर और निफ्टी 298.35 अंक या 1.23% गिरकर 23,877.80 पर दिख रहा था। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे,जिसमें निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा गिरा था। यह सेक्टोरल इंडेक्स 3% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा था।

पेट्रोल/डीजल,सोना,रासायनिक उर्वरक और खाने के तेल की खपत कम करने तथा अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने के लिए PM मोदी की राष्ट्र से की गई अपील, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण उत्पन्न 'चालू खाता घाटा'(Current Account Deficit) की समस्या से निपटने का एक उपाय है। मितव्ययिता की इस अपील का वित्त वर्ष 2027 में आर्थिक विकास पर थोड़ा निगेटिव प्रभाव पड़ सकता है।

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एक्सपर्ट की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि खास तौर पर,बचत की अपील से जुड़े उद्योग जैसे, पेट्रोलियम,रासायनिक उर्वरक,सोना,हवाई यात्रा,होटल और संबंधित सेक्टर इस अपील से भावनात्मक रूप से प्रभावित होंगे। फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर,जिन पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा,वे मज़बूत बने रहेंगे।

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