JK Cement: बीते एक साल में 40% चढ़ा है यह स्टॉक, क्या अभी है निवेश का मौका?

जेके सीमेंट का प्रदर्शन बीती कई तिमाहियों से लगातार अच्छा बना हुआ है। इसका असर इसकी कीमतों पर दिखा है। बीते एक साल में इस स्टॉक ने करीब 40 फीसदी रिटर्न दिया है। कंपनी ने FY25 के दौरान करीब 1,900 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। इससे FY26 तक उत्पादन क्षमता बढ़कर 30 मिलियन टन पहुंच जाएगी

अपडेटेड Sep 18, 2024 पर 4:24 PM
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पहली तिमाही में तेज गर्मी और लोकसभा चुनावों की वजह से सीमेंट की डिमांड कमजोर रही।

जेके सीमेंट का शेयर लगातार ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बना रहा है। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन बीती कई तिमाहियों से बेहतर रहा है। जून तिमाही में कंपनी की सेल्स साल दर साल आधार पर 2 फीसदी बढ़कर 2,653 करोड़ रुपये रही। इसमें ग्रे सीमेंट के वॉल्यूम में साल दर साल आधार पर 6 फीसदी की ग्रोथ का हाथ रहा। मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। हालांकि, सीमेंट की कीमतों में गिरावट का असर कंपनी के रियलाइजेशन पर पड़ा है। लेकिन, पावर और फ्यूल खर्च में कमी से कंपनी को मदद मिली है।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट 19 फीसदी बढ़ा

JK Cement का ऑपरेटिंग प्रॉफिट पहली तिमाही में साल दर साल आधार पर 19 फीसदी बढ़कर 479 करोड़ रुपये रहा। पहली तिमाही में तेज गर्मी और लोकसभा चुनावों की वजह से सीमेंट की डिमांड कमजोर रही। मानसून की बारिश की वजह से जुलाई-सितंबर तिमाही में भी डिमांड ज्यादा रहने की उम्मीद नहीं है। जेके सीमेंट के मैनेजमेंट ने कहा है कि त्योहारों के सीजन के बाद सीमेंट की मांग बढ़ सकती है। इसकी वजह यह है कि त्योहारों के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग सेगमेंट में गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।


सीमेंट की कीमतों में गिरावट का ट्रेंड

पिछले कई महीनों से सीमेंट की कीमतों में गिरावट का ट्रेंड जारी है। कंपनियां क्षमता बढ़ा रही हैं और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। इसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। पहली तिमाही में बालू और लेबर की उपलब्धता कम रही, जिसका असर कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ा। दूसरी तिमाही में भी कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि, पिछली 2-3 तिमाहियों में एनर्जी और फ्यूल की कीमतों में स्थिरता रही है। पहली तिमाही में पावर और फ्यूल पर औसत खर्च करीब 110-115 डॉलर प्रति टन रहा। अब भी यह खर्च इसी स्तर पर बना हुआ है।

प्रयागराज प्लांट में अगली तिमाही से उत्पादन

जेके सीमेंट ब्रांडिंग पर खर्च बढ़ा रही है, जिससे कुल कॉस्ट में वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि वह ग्रीन एनर्जी का भी इस्तेमाल कर रही है। साथ ही रूट ऑप्टिमाइजेशन पर फोकस कर ही है। इससे कंपनी को पैसे बचाने में मदद मिलेगी। इस साल जून के अंत में जेके सीमेंट की क्षमता 24 मिलियन टन थी। कंपनी प्रयागराज में ग्रे सीमेंट उत्पादन की क्षमता बढ़ा रही है। मैनेजमेंट ने कहा है कि अगली तिमाही में इस प्लांट में उत्पादन शुरू हो जाने की उम्मीद है।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

कंपनी ने FY25 के दौरान करीब 1,900 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। इससे FY26 तक उत्पादन क्षमता बढ़कर 30 मिलियन टन पहुंच जाएगी। देश के उत्तरी और मध्य इलाकों में जेके सीमेंट की अच्छी पैठ है। शेयरों में आई तेजी और ज्यादा वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशक इस स्टॉक में निवेश बढ़ाने के लिए कीमतों में गिरावट का इंतजार कर सकते हैं।

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