JM Financial shares: जेएम फाइनेंशियल के शेयर आज 11 मार्च को शुरुआती कारोबार में 8 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने कंपनी पर किसी भी डेट सिक्योरिटीज के पब्लिक ऑफर में बतौर लीड मैनेजर काम करने से रोक लगा दी है। इसी के बाद इसके शेयरों में यह तगड़ी गिरावट आई। SEBI ने गलत ट्रेड प्रैक्टिस के कारण JM फाइनेंशियल पर यह रोक लगाई है। SEBI ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि JM फाइनेंशियल उन डेट सिक्योरिटीज के पब्लिक इश्यू में 60 दिन के लिए लीड मैनेजर के रूप में काम कर सकती है, जो उसके पास मौजूदा समय में हैं।
SEBI ने साल 2023 के दौरान आए नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (NCD) के पब्लिक इश्यू की नियमित जांच के बाद यह आदेश दिया। SEBI ने की जांच में पाया कि जेएम फाइनेंशियल और उसकी दो इकाइयों ने मिलकर फर्जीवाड़ा किए। यह पब्लिक डेट इश्यू 2023 में आया था। जेएम फाइनेंशियल इस इश्यू की लीड मैनेजर थी।
उसकी एक सहयोगी कंपनी ने इस इश्यू में पैसे लगाने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स को फंड उपलब्थ कराए। फिर उनसे ये सिक्योरिटीज खरीद लिए। फिर इन्हे लॉस पर बेच दिया। SEBI ने कहा कि यह अंतरिम आदेश रिकॉर्ड पर उपलब्ध डॉक्यूमेंट्स पर आधारित था और इस मामले की जांच छह महीने में पूरी हो जाएगी।
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) JM फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लिमिटेड को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के बदले लोन देने और शेयरों व डिबेंचर के बदले किसी भी प्रकार का फाइनेंस करने से रोक दिया था।
रेगुलेटर ने कहा था कि JM फाइनेंशियल और उसके साथ जुड़ी ग्रुप की कंपनियों ने प्रथम दृष्टया लाभ के साथ कुछ निवेशकों को एक सुनिश्चित तरीके से बाहर निकलने का रास्ता दिया। साथ ही उन्हें नियामकीय आदेशों के उल्लंघन करते हुए पब्लिक इश्यू में आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
5 मार्च के बाद से अबतक JM फाइनेंशियल के शेयर करीब 16 फीसदी गिर चुके हैं। वहीं इसका मार्केट कैप घटकर 7,670 करोड़ रुपये पर आ गया है।