अगर आप स्टॉक मार्केट में उतारचढ़ाव के बीच किसी ऐसे स्टॉक की तलाश में हैं, जिसके लिए स्थितियां अनुकूल हैं तो आप केईसी इंटरनेशनल के बारे में सोच सकते हैं। यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन (टीएंडडी) सेक्टर की बड़ी कंपनी है। कंपनी की ऑर्डबुक स्ट्रॉन्ग है। कंपनी का कामकाज डायवर्सिफायड है। इसकी बैलेंसशीट मजबूत है। कंपनी कॉस्ट में कमी लाने की कोशिश कर रही है। इससे आगे कंपनी का प्रदर्शन शानदार रह सकता है।
T&D सेगमेंट का अच्छा प्रदर्शन
T&D सेगमेंट में देश और विदेश दोनों में मौकों की कमी नहीं है। KEC International इस मौके का फायदा उठाने को तैयार है। FY25 की तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 6.8 फीसदी बढ़कर 5,349 करोड़ रुपये रहा। इसमें कंपनी के टीएंडडी सेगमेंट के बेहतर प्रदर्शन का बड़ा हाथ है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 17 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस सेगमेंट की 60 फीसदी हिस्सेदारी है। अगर कंपनी की ब्राजील स्थित स्टील टावर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट SAE के रेवेन्यू को निकाल दिया जाए तो टीएंडडी सेगमेंट का रेवेन्यू 20 फीसदी बढ़ा।
कुछ सेगमेंट के लिए चैलेंजेज
केईसी इंटरनेशनल को रेल और सिविल सेगमेंट में कुछ चैलेंज का सामना करना पड़ा है। इसका असर कंपनी की ओवरऑल ग्रोथ पर पड़ा है। रेलवे से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 30 फीसदी घटा। सिविल सेगमेंट में कंपनी को लेबर की कमी और पेमेंट में देर जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यूएस डॉलर के मुकाबले ब्राजील की करेंसी में 20 फीसदी की कमजोरी का असर SAE के बिजनेस पर पड़ा। इस मुश्किल के बावजूद EBITDA साल दर साल आधार पर 21.6 फीसदी बढ़कर 374 करोड़ रुपये रहा।
इस वित्त वर्ष में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
केईसी इंटरनेशनल ने FY25 में रेवेन्यू ग्रोथ के अपने गाइडेंस को 15 फीसदी से घटाकर 12-14 फीसदी कर दिया है। हालांकि, FY26 में उसने 15 फीसदी ग्रोथ के गाइडेंस को बनाए रखा है। कंपनी के पास 25,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर है। इससे कंपनी के रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। कंपनी के मैनेजमेंट को टीएंडडी बिजनेस में डबल डिजिट मार्जिन का भरोसा है। शॉर्ट टर्म में कंपनी के लिए कुछ चुनौतियां दिख रही हैं। लेकिन, मीडियम और लॉन्ग टर्म में ग्रोथ को लेकर कोई संदेह नहीं है।
यह भी पढ़ें: US Reciprocal Tariff: इंडिया ऐसे कर सकता है ट्रंप के टैरिफ का सामना, हवा का रुख अपने पक्ष में मोड़ सकता है
कंपनी की स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक, बेहतर होती एग्जिक्यूशन क्षमता और खर्च को कंट्रोल में रखने की कोशिशों को देखते हुए कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ बेहतर रहने की उम्मीद है। FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के मुकाबले इसके शेयरों में 16 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इससे संकेत मिलता है कि जल्द इस स्टॉक की रिरेटिंग हो सकती है। इस साल यह स्टॉक 42 फीसदी गिरा है, जिससे कीमतें अट्रैक्टिव हो गई हैं।