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मार्केट गुरु सौरभ मुखर्जी से जानें भारत की ग्रोथ स्टोरी कितनी दमदार, किन सेक्टर्स में आगे बनेगा पैसा?

Pidilite,Dr Lal Path,ICICI Lombard,HDFC Life और Asian Paints जैसी कंपनियां देश की इकोनॉमी में अभी पैसे डाल रही हैं जिनका आगे इन कंपनियों को फायदा मिलेगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 12, 2022 पर 3:02 PM
मार्केट गुरु सौरभ मुखर्जी से जानें भारत की ग्रोथ स्टोरी कितनी दमदार, किन सेक्टर्स में आगे बनेगा पैसा?
आम निवेशक दबाव की स्थिति में पेनिक हो जाता है। लेकिन दिग्गज कंपनियां मुश्किल के समय में ही बड़े फैसले लेती हैं जो आगे चल कर उनके लिए फायदेमंद होता है

मार्केट गुरु सीरीज में आज हमारे मेहमान हैं Marcellus Investment Managers के को-फाउंडर सौरभ मुखर्जी। सौरभ मशहूर इनवेस्टमेंट फिलॉसिफी कॉफी कैन इन्वेस्टिंग के मुरीद हैं। वे लगातार शानदार ग्रोथ वाली कंपनियों में लंबे समय का निवेश करते हैं। सौरभ से आज हम ये जानने की कोशिश करेंगे कि चुनौती भरे माहौल में अच्छी कंपनियों का मैनेजमेंट किस स्ट्रैटेजी पर काम करता है। साथ ही ये भी कि अच्छी कंपनियों की पहचान कैसे की जाए। हम ये भी जानने की कोशिश करेंगे कि क्या सौरभ मुखर्जी को कुछ नई कंपनियों में भी मौके दिख रहे हैं?

बतातें चलें की सौरभ मुखर्जी ने अपना एक पीएमएस Marcellus' CCP भी शुरू किया है। इसके प्रदर्शन पर नजर डालें तो 31 अगस्त 2022 तक 1 महीनें में Marcellus' CCP ने 4.79 फीसदी रिटर्न दिया है जबकि इसी अवधि में निफ्टी ने 3.72 फीसदी रिटर्न दिया है। 6 महीनें में Marcellus' CCP ने 5.18 फीसदी रिटर्न दिया है जबकि इसी अवधि में निफ्टी ने 6.76 फीसदी रिटर्न दिया है। 1 साल में Marcellus' CCP ने 1.54 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है जबकि इसी अवधि में निफ्टी ने 5.14 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। 3 साल में Marcellus' CCP ने 22.28 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है जबकि इसी अवधि में निफ्टी ने 18.63 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। अपने शुरुआत से अब तक Marcellus' CCP ने 20.83 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है जबकि इसी अवधि में निफ्टी ने 15.41 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है।

सौरभ मुखर्जी ने अपना मार्केट मंत्र बताते हुए कहा कि बाजार में पैसे बनाने के लिए लंबे नजरिए से निवेश करें। निवेश में 1-1.5 साल की अवधि का को बड़ा मतलब नहीं होता। अच्छे रिटर्न के लिए कम से कम 3 साल के नजरिए से निवेश करें। चाहे किसी का निजी निवेश हो या किसी फंड का प्रदर्शन हो इसमें 3 साल से कम की निवेश अवधि का कोई खास मजलब नहीं होता। अगर वॉरेन बफे का उदाहरण लें तो करीब 50 फीसदी मामलों में उन्होंने 1 महीनें के हॉरीजोन में S&P 500 इंडेक्स की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है। वहीं, अगर 3 साल का टाइम हॉरीजोन लें तो वॉरेन बफे ने 80 फीसदी मामलों में S&P 500 इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

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