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How to read stock chart: चार्ट पढ़ने का सही तरीका, धड़ाधड़ बनेगा शेयर मार्केट से पैसा

How to read chart: शेयरों की चाल अनिश्चित होती है। हालांकि अगर आपको चार्ट पढ़ना आता है तो किसी शेयर की रैली को शुरुआत से ही पकड़ सकते हैं या क्रैश होने से पहले ही इससे बाहर निकल सकते हैं। आइए समझते हैं कि सपोर्ट और रेजिस्टेंस कैसे काम करते हैं, ये बनते कैसे हैं और ट्रेडर्स इनका इस्तेमाल कैसे करते हैं

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Oct 11, 2026 पर 11:13 AM
How to read stock chart: चार्ट पढ़ने का सही तरीका, धड़ाधड़ बनेगा शेयर मार्केट से पैसा
How to read stock chart: सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल कोई मैजिक लाइन नहीं हैं, जो किस्मत से नहीं बनती हैं बल्कि ये ट्रेडर्स के खरीदारी-बिक्री के पैटर्न को दिखाते हैं।

How to read stock chart: अगर आप स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं तो प्राइस चार्ट में एक चीज जरूर नोटिस की होगी कि भाव एक सीधी रेखा में नहीं चलते हैं। वे अक्सर कुछ खास प्राइस लेवल पर रुकती हैं, उछाल लेती हैं या अपनी दिशा बदल देती हैं। ऐसा बार-बार होता है, जैसे कि कोई फर्श (Floor) या छत (Ceiling) मौजूद हो। यह कोई संयोग नहीं है बल्कि टेक्निकल एनालिसिस की सबसे पुरानी और अहम अवधारधाओं में से एक है। ऐसे में ट्रेडिंग के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस को समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यह सिर्फ चार्ट देखने वाले शख्स और इसे वास्तव में समझने वाले के बीच बड़ा फर्क पैदा करता है।

क्या है Support और Resistance

सपोर्ट वह प्राइस लेवल होता है, जहां किसी गिरावट के दौरान भाव का नीचे जाना रुक सकता है या यह ऊपर की तरफ मुड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस लेवल पर खरीदारी करने वालों की दिलचस्पी इतनी बढ़ जाती है कि वे बिकवाली के दबाव को कम कर देते हैं। यह एक तरह से फर्श की तरह काम करता है, जहां से नीचे जाने में शेयर को कठिनाई हो सकती है।

रेजिस्टेंस इसके बिल्कुल विपरीत होता है। यह वह प्राइस लेवल है, जहां तेजी के दौरान शेयरों के भाव का ऊपर जाना रुक सकता है या कीमत वापस नीचे की तरफ मुड़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस स्तर पर बिकवाली का दबाव खरीदारी के दबाव से अधिक हो जाता है। यह एक छत (Ceiling) की तरह होता है, जिसे ऊपर की तरफ तोड़ना मुश्किल होता है।

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