Leela Hotels Stock Price: लीला ब्रांड के तहत लग्जरी होटल और रिसॉर्ट चेन चलाने वाली श्लॉस बैंगलोर ने 2 जून की सुबह निवेशकों को जितना निराश किया था, उतना ही अब खुश कर दिया है। इसकी वजह है कि घाटे में लिस्ट हुआ शेयर अब हरे निशान में ट्रेड कर रहा है और 7.56 प्रतिशत तक उछल गया है। लीला होटल्स के शेयर BSE पर IPO प्राइस 435 रुपये से 6.55 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 406.50 रुपये पर लिस्ट हुए। NSE पर शेयरों ने 6.67 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 406 रुपये पर शुरुआत की।
घाटे पर लिस्टिंग ने निवेशकों को मायूस कर दिया। लेकिन इसके बाद पासा पलटा और शेयर बढ़त में कारोबार करने लगे। BSE पर शेयर की कीमत लिस्टिंग प्राइस से 7 प्रतिशत उछलकर 436 रुपये तक चली गई। वहीं NSE पर तो शेयर 7.56 प्रतिशत तक चढ़कर 436.70 रुपये के हाई पर पहुंच गया।कारोबार बंद होने पर शेयर BSE पर 435.55 रुपये पर सेटल हुआ, जो इसके लिस्टिंग प्राइस से 7.15 प्रतिशत ज्यादा है। NSE पर शेयर 433.80 रुपये पर सेटल हुआ।
Schloss Bangalore Ltd का मार्केट कैप 14500 करोड़ रुपये हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। इसका IPO 3,500 करोड़ रुपये का था और 4.72 गुना भरा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 7.82 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.08 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.87 गुना सब्सक्राइब हुआ।
एनालिस्ट्स को पहले से ही लीला होटल की ठंडी लिस्टिंग का अनुमान था। उनका सुझाव है कि निवेशकों को लंबी अवधि के लिए स्टॉक को अपने पास रखना चाहिए। हेन्सेक्स सिक्योरिटीज में एवीपी-रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट महेश एम ओझा ने कहा कि शॉर्ट टर्म निवेशकों को अपनी उम्मीदों को कम रखना चाहिए। भारत के लग्जरी होटल उद्योग की लॉन्ग टर्म क्षमता में विश्वास रखने वाले निवेशक स्टॉक को होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं।
मेहता इक्विटीज ने भी फ्लैट लिस्टिंग का अनुमान जताया था। लेकिन वह स्टॉक को एक अच्छे लॉन्ग टर्म अवसर के रूप में देखती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, "लीला होटल्स भारत के लग्जरी ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी स्पेस में संरचनात्मक विकास से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, उन्हें लंबी अवधि के हिसाब से स्टॉक को होल्ड करने की सलाह दी जाती है। जिन्हें शेयर अलॉट नहीं हुए, वे अच्छी वैल्यूएशन पर इसे लेने के लिए लिस्टिंग के बाद करेक्शन का इंतजार कर सकते हैं।" बजाज ब्रोकिंग ने भी IPO के लिए लंबी अवधि के लिए 'सब्सक्राइब' रेटिंग रखी थी।
लीला ग्रुप की स्थापना कैप्टन सी. पी. कृष्णन नायर ने 1986 में की थी। उन्होंने अपनी पत्नी लीला के नाम पर इस समूह का नाम रखा था। अक्टूबर 2019 में फाइनेंशियल क्राइसिस की वजह से लीला ग्रुप ने अपने प्रमुख होटलों का मैनेजमेंट और संपत्ति कनाडा की कंपनी ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट को करीब 3950 करोड़ रुपये में बेच दी। फिलहाल लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स ब्रांड का संचालन ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट के निवेश वाली श्लॉस बैंगलोर लिमिटेड करती है।
लीला होटल्स के IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी और इसकी कुछ सब्सिडियरी जैसे कि श्लॉस चाणक्य, श्लॉस चेन्नई, श्लॉस उदयपुर और TPRPL के कर्ज को पूरी तरह से या कुछ हद तक चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
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