भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयर में 25 जून को दिन में 3.4 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। एनएसई पर शेयर 421.65 रुपये के लो तक गया। यह गिरावट मुख्य रूप से डिविडेंड पेमेंट के हिसाब से स्टॉक में हुए एडजस्टमेंट के कारण रही। LIC वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है और शेयर गुरुवार को एक्स-डिविडेंड ट्रेड कर रहा है। याद रहे कि आज, 25 जून को शेयर खरीदने वाले फाइनल डिविडेंड के पात्र नहीं होंगे।
यह अमाउंट उन्हीं को मिलेगा, जिन्होंने 24 जून को ट्रेडिंग खत्म होने तक शेयर खरीद लिए होंगे और जिनके नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे।
फाइनल डिविडेंड पर 27 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। वित्त वर्ष 2025 के लिए LIC ने 12 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी में सरकार के पास 96.50 प्रतिशत हिस्सा है।
LIC के CFO ने दिया इस्तीफा
शेयर में गिरावट की एक वजह यह भी है कि कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) सुनील अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह 14 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी ने एक दिन पहले शेयर बाजारों को बताया कि अग्रवाल ने बेहतर संभावनाएं तलाशने के लिए इस्तीफा दिया है।
Life Insurance Corporation of India का मार्केट कैप 5.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत उछली है। 29 मई को शेयर ने एक्स-बोनस ट्रेड किया था। LIC ने पहली बार बोनस शेयर बांटे हैं। शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर एक नया शेयर बोनस के तौर पर दिया गया। बोनस शेयरों के अलॉटमेंट की तारीख 1 जून थी।
मई महीने में LIC के शेयर के लिए JM Financial ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी थी। लेकिन टारगेट प्राइस 888 रुपये से बढ़ाकर 960 रुपये प्रति शेयर कर दिया था। Emkay Global ने टारगेट बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया था। रेटिंग 'बाय' ही दोहराई थी। HDFC Securities ने 'एड' रेटिंग बरकरार रखी थी। टारगेट बढ़ाकर 1110 रुपये कर दिया था। Citigroup ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी थी और टारगेट प्राइस 1475 रुपये दिया था। Bernstein ने ‘मार्केट परफॉर्म’ रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस 900 रुपये प्रति शेयर दिया था।
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