LIC के शेयर में बुधवार को तेजी दिखी। मंगलवार को यह शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुआ था। लिस्टिंग इश्यू प्राइस से कम भाव पर हुई थी। यह 8 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ था। बुधवार को यह शेयर करीब 10 रुपये मजबूती के साथ खुला। फिर यह 891 रुपये के लेवल पर पहुंच गया। इस लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग के चलते यह थोड़ा नीचे आ गया।
सुबह 10:49 बजे एनएसई में इस शेयर का प्राइस 881.50 रुपये चल रहा था। सवाल है कि क्या अगर आज दिन में इस शेयर का भाव चढ़ता है तो आपको बेच देना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों ने एलआईसी के आईपीओ मे लिस्टिंग गेंस के लिए अप्लाई किया था, उन्हें इस शेयर को तब तक नहीं बेचना चाहिए जब तक इसका प्राइस 920 रुपये के लेवल पर नहीं पहुंच जाए। उन्हें 870 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाकर रखना चाहिए।
एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि एलआईसी के शेयर में ज्यादा गिरावट के आसार नहीं है। इसकी वजह यह है कि इसका शेयर फ्लोट बहुत कम है। मंगलवार को इसकी कमजोर लिस्टिंग की वजह सिर्फ मार्केट के कमजोर हालात हैं। इस कंपनी की बुनियादी स्थिति को लेकर कोई संदेह नहीं है। कई मामलों में यह प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों से आगे है।
एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि जो इनवेस्टर्स लंबे समय के लिए पैसे लगा सकते हैं, उन्हें एलआईसी के शेयर में गिरावट आने पर अपना इनवेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए। फॉरेन ब्रोकरेज फर्मों ने इस शेयर के जल्द 1000 रुपये के लेवल पर पहुंच जाने की उम्मीद जताई है।
LIC में सरकार ने अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये हासिल किया है। यह आईपीओ 4 मई को खुला था। यह 9 मई को बंद हो गया। यह करीब 3 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें सबसे ज्यादा बोली पॉलिसीहोल्डर्स ने लगाई थी। इसकी वजह यह है एलआईसी ने पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया था। एप्लॉयीज और रिटेल इनवेस्टर्स को 45-45 रुपये का डिस्काउंट मिला था।
LIC का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। इसके बाद पेटीएम का आईपीओ देश का दूसरा सबसे पड़ा आईपीओ था। पेटीएम की लिस्टिंग पिछले साल नवंबर में हुई थी। पेटीएम का शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले काफी गिर चुका है।