RBI ने पिछले हफ्ते JM Financial के शेयरों पर लोन के साथ ही आईपीओ के लिए लोन देने पर रोक लगा दी। शेयरों पर लोन का मतलब यह है कि इनवेस्टर्स अपने शेयर गिरवी रखकर उस पर एनबीएफसी से लोन लेते हैं। इसे लोन एगेंस्ट शेयर्स (LAS) कहा जाता है। एनबीएफसी इस लोन पर 10.5 से 13 फीसदी इंटरेस्ट लेते हैं। इंटरेस्ट रेट इस बात पर निर्भर करता है कि शेयर किस कंपनी के हैं और क्लाइंट के साथ एनबीएफसी का रिलेशन कैसा है। आम तौर पर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) शेयरों पर लोन लेते हैं। वे स्टॉक्स और डेरिवेटिव में निवेश करते हैं, जिसके लिए वे लोन के पैसा का इस्तेमाल करते हैं। आइए इस पूरे मामले को समझते हैं।
