महाराष्ट्र के चुनावी घमासान का अंत महायुति की महाजीत से हुआ है। बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन की जीत कई मायनों में काफी बड़ी है। इस जीत ने महायुति सरकार के डेवेलपमेंट एजेंडा पर लगा दी है। अब उम्मीद की जा रही है कि विकास की गाड़ी टॉप गियर में चलेगी। बाजार को भी ऐसी ही निर्णायक जीत का इंतजार था। इससे बीजेपी सरकार पर निवशकों का भरोसा और बढ़ेगा।महायुति के इस प्रचंड बहुमत का बाजार पर क्या होगा असर इस पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़े Elixir इक्विटीज के डायरेक्टर दीपन मेहता, MOFSL के रिसर्च हेड गौतम दुग्गड़ और केडियानॉमिक्स के सुशील केडिया।
दीपन मेहता का कहना है कि चुनाव नतीजें सेंटिमेंट को बेहतर करने वाले हैं। लेकिन अर्निंग ग्रोथ और हाई वैल्युएशन की चिंता अभी भी कायम है। ऐसे में बाजार में अभी भी सतर्क रहने की सलाह होगी। ट्रेडरों को उछाल पर बिकवाली की ही सलाह होगी। बाजार के कल के रिवर्सल के टिकने की संभावना नहीं है। ऐसा नहीं लगता है सिर्फ इन नतीजों की वजह से बाजार फिर से ऑलटाइम हाई पर चला जाएगा। अगले कुछ महीनों में बाजार में और बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है।
शॉर्ट कवरिंग में ही निफ्टी 1000 अंक दौड़ सकता है
सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में रिवर्सल की स्थिति बन गई है। शुक्रवार को बाजार को इसी जीत की उम्मीद थी। सोमवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी। शॉर्ट कवरिंग में निफ्टी 1000 अंक दौड़ जाएगा।
लार्ज कैप के चुनिंदा शेयरों में निवेश के बेहतर मौके
वहीं, गौतम ने कहा कि बाजार में गिरावट के पीछे कई वजहें थीं। महाराष्ट्र के नतीजे उम्मीद से काफी बेहतर रहे हैं। तीजों से बाजार का सेंटीमेंट बेहतर होगा। सरकार को अब खर्च पर गौर करना चाहिए। मिडकैप, स्मॉलकैप अब भी थोड़ा एक्सपेंसिव हैं। चुनाव नतीजों से FIIs की सेलिंग में कमी आएगी। लार्ज कैप के चुनिंदा शेयरों में निवेश के बेहतर मौके हैं।
महाराष्ट्र की जीत ने स्थितियां बदलीं
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में जो गिरावट आई थी उसमें पॉलिटिक्स के अलावा और भी कई कारण थे। तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजों ने बाजार पर सबसे ज्यादा असर दिखाया। लेकिन महाराष्ट्र की जीत ने स्थितियां बदल दी हैं। पिछले 30-35 साल में इतनी बड़ी जीत नहीं देखने को मिली है। महाराष्ट्र देश का एक बहुत अहम राज्य है। निश्चित रूप से ये जीत मार्केट के सेंटीमेंट को सुधारेगी। अब लगभग सभी इलेक्शन हो चुके हैं। केंद्र सरकार अब नए आत्मविश्वास के साथ अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा सकेगी। अब सरकार को चाहिए कि अब वो अपने कैपेक्स मशीनरी को एक्टिवेट करे। ऐसे लगता है कि आगे कैपेक्स में तेजी आएगी। ऐसा होने पर कंपनियों के नतीजों में भी मजबूती आएगी।
गौतम ने कहा कि हालिया करेक्शन के बाद लॉर्ज कैप में वैल्यूएशन काफी अच्छे हो गए हैं। लेकिन मिड और स्मॉल कैप अभी भी बहुत महंगे हैं। इस इलेक्शन के बाद एफआईआई की बिक्री में गिरावट होगी और पिछले 3-4 महीनों में काफी गिर चुके इंडस्ट्रियल शेयरों में अब सुधार आएगा।
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