पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने की अपील की है। इसमें एक अपील यह भी है कि किसान रासायनिक खाद का इस्तेमाल 50 प्रतिशत तक कम करने की कोशिश करें। प्राकृतिक और टिकाऊ विकल्पों की ओर बढ़ें। इसके चलते सोमवार, 11 मई को खाद बनाने वाली बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में हैं। कीमत 3 प्रतिशत तक लुढ़की है। PM मोदी ने हैदराबाद में तेलंगाना BJP द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए नागरिकों से 4 कमोडिटीज का इस्तेमाल ज्यादा समझदारी से करने की अपील की।
ये कमोडिटी हैं- कच्चा तेल (पेट्रोल-डीजल), सोना, वनस्पति तेल और खाद। यह अपील देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और आर्थिक मजबूती बढ़ाने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। 28 फरवरी 2026 से जारी अमेरिका-ईरान युद्ध ने देश के आयात बिल में काफी बढ़ोतरी कर दी है।
कितना नीचे हैं फर्टिलाइजर स्टॉक
उर्वरक यानि कि फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों की बात करें तो फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर (FACT) लिमिटेड के शेयरों में 2 प्रतिशत की गिरावट है। कोरोमंडल इंटरनेशनल का शेयर 3 प्रतिशत नीचे है। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के शेयर में 3.4 प्रतिशत, नेशनल फर्टिलाइजर्स में 2.4 प्रतिशत, एरिस एग्रो के शेयर में 1.4 प्रतिशत, गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स में 3 प्रतिशत और जुआरी एग्रोकेमिकल्स में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट है।
PM मोदी की देशवासियों से क्या अपील
PM मोदी ने नागरिकों से इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाकर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके, कार-पूलिंग करके और माल ढुलाई को रेलवे पर शिफ्ट करके पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने की अपील की है। किसानों से डीजल से चलने वाले पंपों की जगह सौर ऊर्जा वाले विकल्प अपनाने और रासायनिक खाद का इस्तेमाल 50 प्रतिशत तक कम करने का आग्रह किया है। इसके अलावा घरों में खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने और गैर-जरूरी सोने की खरीदारी को एक साल के लिए टालने की अपील है।
पीएम की अपील के बाद ज्वेलरी स्टॉक्स में भी गिरावट है। टाइटन कंपनी का शेयर लगभग 7 प्रतिशत, सेनको गोल्ड 8 प्रतिशत और कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 9 प्रतिशत नीचे आया है। स्काई गोल्ड एंड डायमंड 6.6 प्रतिशत और ब्लूस्टोन ज्वेलरी 6.7 प्रतिशत गिरावट में है। पीसी ज्वेलर 5 प्रतिशत टूटा है।
कच्चे तेल, सोने, वनस्पति तेल और खाद का कितना आयात
वित्त वर्ष 2025–26 में भारत ने 240.7 अरब डॉलर का कच्चा तेल, सोना, वनस्पति तेल और खाद विदेश से मंगाई। यह देश के कुल 775 अरब डॉलर के आयात बिल का 31.1 प्रतिशत है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे पेट्रोलियम का रहा, जिसका आयात 134.7 अरब डॉलर का रहा। सोने का आयात बढ़कर रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वनस्पति तेल का आयात 19.5 अरब डॉलर और खाद का आयात बढ़कर 14.5 अरब डॉलर हो गया।
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