Market cues : शॉर्ट टर्म कंसोलीडेशन की संभावना के बावजूद, सभी फैक्टर दे रहे पॉजिटिव रुझान के संकेत
Market cues : 7 मई को,भारतीय इक्विटी बाजार में संस्थागत निवेशकों की गतिविधि मिली-जुली रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा,हालांकि यह मामूली ही था। उन्होंने 340 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार को सपोर्ट देते दिखे। इन्होंने 441 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार चौथे सेशन में भी नीचे गिरता रहा। यह 0.34 प्रतिशत गिरकर 16.62 पर आ गया
Market cues : पिछले सत्र में आई ज़ोरदार तेजी के बाद,7 मई को Nifty 50 में आगे और खरीदारी देखने को नहीं मिली और यह कंसोलिडेशन के बीच लगभग सपाट बंद हुआ। 24,400–24,500 के अहम रेजिस्टेंस के पास उतार-चढ़ाव भरे मूवमेंट के बावजूद,जानकारों का मानना है कि इसका मूल ट्रेंड अभी भी पॉज़िटिव बना हुआ है। इसे बेहतर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स और इंडेक्स का शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बने रहना सपोर्ट दे रहा है। 24,350–24,400 के जोन से ऊपर एक निर्णायक और लगातार बढ़त आने वाले सेशंस में 24,600 और फिर 24,800 की ओर और ऊपर जाने का रास्ता खोल सकती है। नीचे की ओर,तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है,जिसके बाद 24,000 का अहम सपोर्ट लेवल होगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,289, 24,242 और 24,166
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,440, 24,487 और 24,562
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी सी शैडो थी। यह दिखाता है कि उतार-चढ़ाव भरे माहौल में ऊंचे लेवल पर थोड़ी-बहुत प्रॉफ़िट बुकिंग हुई है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज भी ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इसके अलावा,यह फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निम्न स्तर तक हुई गिरावट के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर से ऊपर बना रहा। RSI,जो 55.33 पर था,सिग्नल लाइन से ऊपर रहा। जबकि MACD हिस्टोग्राम की हरी पट्टियां और अधिक चौड़ी हो गईं। ये सभी फैक्टर शॉर्ट टर्म कंसोलीडेशन के बावजूद,एक पॉजिटिव रुझान का संकेत दे रहे हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट प्वाइंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,265, 56,395 और 56,606
पिवट प्वाइंट पर आधारित सपोर्ट: 55,844, 55,714 और 55,504
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 55,676, 54,576
स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी में भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और गुरुवार को यह मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर बैंकिंग इंडेक्स ने एक छोटी लाल कैंडल बनाई,जिसके ऊपर और नीचे शैडो थे। यह एक 'डोजी'(Doji) जैसी कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है,जो 'बुल'और 'बेयर'के बीच अनिश्चितता का संकेत है। 'हायर हाई-हायर लो'का पैटर्न एक और सत्र तक जारी रहा। जबकि इंडेक्स 10-दिन और 20-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज)से ऊपर बना रहा और ये दोनों मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इंडेक्स फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निचले स्तर तक हुई गिरावट के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर से ऊपर रहा। साथ ही अप्रैल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर से भी ऊपर बना रहा। RSI एक पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 53.16 पर पहुंच गया,जबकि MACD ने एक 'बुलिश क्रॉसओवर'दिखाया और इसका हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। ये सभी संकेत बैंकिंग इंडेक्स में बढ़ती गति और सकारात्मक रुझान का संकेत देते हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
7 मई को,भारतीय इक्विटी बाजार में संस्थागत निवेशकों की गतिविधि मिली-जुली रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा,हालांकि यह मामूली ही था। उन्होंने 340 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को सपोर्ट देते दिखे। इन्होंने 441 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार चौथे सेशन में भी नीचे गिरता रहा। यह 0.34 प्रतिशत गिरकर 16.62 पर आ गया। यह इंडेक्स 200-दिन के EMA को छोड़कर,बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही रहा।200-दिन के EMA को इसने दिन के दौरान एक बार टेस्ट किया था। अगर यह 15 के निशान से निर्णायक रूप से नीचे गिरता है,तो खरीदार फिर से सक्रिय हो सकते हैं।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 7 मई को गिरकर 1.08 पर आ गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.19 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
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