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Market cues : बाजार का ओवर ऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर, 22900 की तरफ गिर सकता है निफ्टी

Market view : तेजी में मजबूती के लिए,निफ्टी को 'लोअर हाई–लोअर लो' पैटर्न को खत्म करने के लिए 23,850 के स्तर को निर्णायक रूप से पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। ऐसा न होने तक,बाज़ार में कंसोलीडेशन और सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है,जिसमें 23,000–22,900 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम करेगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 27, 2026 पर 11:21 AM
Market cues : बाजार का ओवर ऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर, 22900 की तरफ गिर सकता है निफ्टी
Trade Setup :25 मार्च को गैप-अप ओपनिंग के बाद,बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी 50 जैसा ही बर्ताव किया। इसने इंट्राडे में 10-दिन के EMA को पार कर लिया,लेकिन उसके ऊपर बंद नहीं हो पाया

Stock market today : 25 मार्च को Nifty की रिलीफ रैली को आगे बढ़ती दिखी और ये 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह बढ़त अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष के समाधान की उम्मीदों के बीच आई। हालांकि,संघर्ष विराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है,जिससे तेल की कीमतें अस्थिर हैं। जबकि इंडिया VIX ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। पिछले दो सत्रों में मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार दिखा है,लेकिन उन्हें बाज़ार की रैली के साथ लगातार तालमेल बिठाने की ज़रूरत है।

दो दिनों की तेजी के बावजूद बाजार का ओवरऑल टेक्निकल सेटअप अभी भी कमजोर है। इंडेक्स सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना हुआ है। बाजार का रुख अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में है। इसलिए,तेजी की पुष्टि के लिए और 'लोअर हाई–लोअर लो' पैटर्न को खत्म करना होगा। इसके लिए, Nifty को निर्णायक रूप से 23,850 के स्तर को पार करके उसके ऊपर बने रहना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि ऐसा न होने तक,बाज़ार में कंसोलीडेशन और सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है,जिसमें 23,000–22,900 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम करेगा। वहीं,23,500–23,600 के स्तर पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

SBI सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव्स अनुसंधान हेड सुदीप शाह का कहना है कि अपने हाल के निचले स्तर 22,471 से Nifty 50 में तेज़ी से उछाल आया है और पिछले दो ट्रेडिंग सत्रों में इसने 800 से ज़्यादा अंकों की बढ़त हासिल की है। हालांकि,इस तेज़ रिकवरी के बावजूद,व्यापक रुझान अभी भी सतर्क बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही ट्रेड कर रहा है,जिससे यह संकेत मिलता है कि इसकी ओवरऑल बनावट अभी भी कमज़ोर है।

लेवल्स के नज़रिए से देखें तो 23,420–23,460 के ज़ोन के एक तत्काल और मज़बूत रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है। चल रही पुलबैक रैली को आगे बढ़ाने के लिए 23,460 के ऊपर एक लगातार और निर्णायक चाल की ज़रूरत होगी जो फिर इंडेक्स को 20-दिन के EMA की ओर धकेल सकती है,जो अभी 23,827 के लेवल के आस-पास है। यह ज़ोन अगली बड़ी रुकावट के तौर पर काम करेगा और शायद यहां नई सप्लाई आ सकती है।

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