Market cues : कमजोर ग्लोबल संकेतों ने खराब किया बाजार का मूड, 24400 का सपोर्ट टूटने पर 24000 तक गिर सकता है निफ्टी
Market cues: बाजार का टेक्निकल सेटअप और मजबूत हुआ है। निफ्टी ने निर्णायक रूप से एक बड़े बियरिश गैप को भर दिया और मिड और शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,साथ ही मोमेंटम इंडीकेटरों में और सुधार हुआ
Market cues : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 21 अप्रैल को बढ़कर 1.18 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.13 पर था
Market cues : बुधवार 22 अप्रैल को सेंसेक्स और निफ्टी कमज़ोर वैश्विक संकेतों और IT शेयरों में दबाव के चलते गिरावट के साथ खुले। हाल की तेज़ी के कारण ऊपरी स्तरों पर प्रॉफ़िट बुकिंग देखने को मिल रही है। सुबह 09:20 बजे के आसपास सेंसेक्स 381 अंक या 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,893 पर और निफ्टी 101 अंक गिरकर 24,475 पर दिख रहा था।
उधर 21 अप्रैल को Nifty लगभग 1 प्रतिशत ऊपर चढ़ा और वैश्विक स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों के साथ-साथ संघर्ष-विराम की समय-सीमा से पहले अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की बढ़ती उम्मीदों के चलते लगातार तीसरे सत्र में भी इसका तेज़ी का रुख जारी रहा। हालांकि अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने का फ़ैसला लिया है, ताकि बातचीत के लिए और अधिक समय मिल सके।
कल निफ्टी ने निर्णायक रूप से एक बड़े बियरिश गैप को भर दिया और मिड और शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,साथ ही मोमेंटम इंडीकेटरों में और सुधार हुआ। आने वाले सत्रों में फिर से मज़बूत तेजी पाने के लिए निफ्टी के लिए 24,800 के पार एक टिकाऊ बढ़त ज़रूरी है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,400 पर है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस स्तर से नीचे गिरने पर 24,200–24,000 के स्तरों के लिए दरवाज़ा खुल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,417, 24,359 और 24,264
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,605, 24,664 और 24,758
Nifty 50 ने एक दिन के कंसोलीडेशन के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई,जिससे 'हायर हाई–हायर लो' का पैटर्न जारी रहा और 9 मार्च का बेयरिश गैप भर गया। यह एक अच्छा संकेत है। इंडेक्स सभी मीडियम और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जबकि 10 और 20-दिन के EMA ऊपर की ओर बढ़ रहे थे और सपोर्ट लेवल भी ऊपर की ओर खिसक रहे थे। RSI बढ़कर लगभग 60 (59.66) पर पहुंच गया,जबकि MACD हरे हिस्टोग्राम बार के फीका पड़ने के बावजूद एक बुलिश क्रॉसओवर के साथ ज़ीरो लाइन के ऊपर बना रहा। यह सब एक मज़बूत बुलिश रुझान का संकेत देता है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,465, 57,644, और 57,935
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 56,884, 56,705, और 56,415
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 59,169, 61,683
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 55,676, 54,576
Bank Nifty ने भी एक बड़ी हरी कैंडल बनाई और लगातार 'हायर हाई–हायर लो' का स्ट्रक्चर बनाए रखा। जिससे इसमें ज़बरदस्त खरीदारी की दिलचस्पी साफ़ झलकती है। खास बात यह है कि Bank Nifty अपने 100- और 200-दिन के EMA के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। यह एक सकारात्मक तकनीकी बदलाव है और ट्रेंड की बढ़ती मज़बूती का संकेत देता है,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज भी ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। RSI बढ़कर 59.21 पर पहुंच गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के ऊपर बना रहा,जिसमें एक सकारात्मक क्रॉसओवर और एक गहरे हरे रंग का हिस्टोग्राम बार दिखाई दिया। यह सब इंडेक्स के लिए अच्छे संकेत हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
FIIs ने 21 अप्रैल को लगातार दूसरे सेशन में अपनी बिकवाली जारी रखी और करीब 2,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके उलट, DIIs ने बाज़ार को सहारा दिया और 2,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले सेशन में 9 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त के बाद 6.69 प्रतिशत गिरकर 17.53 पर आ गया, जिससे बुल्स को सहारा मिला। असल में,पिछले पांच सेशन में यह अपने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही रहा है। आने वाले सेशन में लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे गिरने पर बुल्स के लिए और भी ज़्यादा आरामदायक स्थिति बनने की संभावना है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 21 अप्रैल को बढ़कर 1.18 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.13 पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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