Market insight : 2026 की शुरुआत से बाजार बेशक हिचकोले खा रहा हो लेकिन इक्विटी निवेश में निवेशकों ने धैर्य खोया नहीं है। दिसंबर का AMFI का जो डाटा आया है उसमें SIP निवेश 31,000 करोड़ के पार निकल गया है। यानि बाजार बेशक रुला रहा है लेकिन SIP निवेश नवंबर के मुकाबले 5.25 फीसदी बढ़ा है। बाजार पर इस भरोसे की क्या है वजह और इस बाजार में MF निवेशकों की क्या रणनीति होनी चाहिए, SIP बढ़ाएं या फिर TOP UP करें? किन सेक्टर्स और थीम पर फोकस करना चाहिए? इन्हीं सब मुद्दों पर खास बातचीत करते हुए IKIGAI Asset Manager के फाउंडर और CIO पंकज टिबरेवाल ने कहा कि FIIs की बिकवाली को घरेलू निवेशकों ने संभाला है। साल 25 में भारतीय मार्केट ने इमर्जिंग मार्केट (EM) को 27% अंडरपरफॉर्म किया है। EM के मुकाबले वैल्युएशन प्रीमियम 90% से घटकर 50% हो गया है।
US के साथ ट्रेड डील से रुपए को भी सपोर्ट संभव
निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब है, लेकिन मार्केट ब्रेथ कमजोर है। FPI की पोजीशन अभी भी लाइट है। ज्यादातर इमर्जिंग मार्केट भारत पर अंडरवेट हैं। सेंटिमेंट सुधरने पर इनफ्लो बढ़ सकता है। US के साथ पॉजिटिव ट्रेड डील से सेंटिमेंट सुधर सकता है। लिस्टेड भारतीय कंपनियों का US में कम एक्सपोजर है। US के साथ ट्रेड डील से रुपए को भी सपोर्ट संभव है।
कंपनियों के नतीजों में सुधार की उम्मीद
पंकज टिबरेवाल ने आगे कहा कि कंपनियों के नतीजों में सुधार की उम्मीद है। FY27 में 13-14 फीसदी अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद है। बैंक, ऑटो, पावर में बेहतर ग्रोथ से EPS बढ़ेगा। बैंकों में सबसे ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद है। रुपए पर बात करते हुए पंकज टिबरेवाल ने कहा कि रुपए का खराब दौर पीछे छूट गया है। ऑयल खपत में गिरावट भारतीय इकोनॉमी के लिए बेहतर रहेगी।
प्राइवेट कंपनियों के कैपेक्स में बढ़ोतरी
कैपेक्स पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि प्राइवेट कंपनियों के कैपेक्स में बढ़ोतरी हुई है। इंडस्ट्रियल, ऑटो, मेटल, कंजम्प्शन स्पेस में कैपेक्स देखने को मिल रहा है। एनर्जी और हेल्थकेयर में भी कैपेक्स बढ़ा है।
आगे मॉनेटरी पॉलिसी रह सकती है सपोर्टिव
आगे मॉनेटरी पॉलिसी सपोर्टिव रह सकती है। CY25 में दरों में RBI ने 125 bps की कटौती की है। RBI से और 25 bps रेट कट की उम्मीद है। मिडकैप के नतीजे लार्जकैप से बेहतर हो सकते हैं। FY26 और FY27 में मिडकैप से अच्छे नतीजों की उम्मीद। प्राइमरी इक्विटी सप्लाई (IPO) में तेजी से सेकेंडरी इक्विटी की चुनौती बढ़ी है। IPO मार्केट में तेजी का दौर जारी रह सकता है। AI पर बात करते हुए पंकज टिबरेवाल ने कहा कि US में AI बबल को लेकर आशंका है। भारतीय मार्केट पर AI बबल का असर संभव है।
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