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Market Next Week : अगले हफ्ते बाजार पर दिखेगा घरेलू राजनीतिक घटनाओं का असर, बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव

Market Next Week : चौथी तिमाही के नतीजों के मौसम में हमें स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन को मिलेंगे। कंपनियों की अर्निंग उनके शेयरों की चाल पर असर डालेगी। कोटक महिंद्रा बैंक,ज़ेन टेक्नोलॉजीज़,जिंदल स्टील एंड पावर और अन्य कंपनियों के अहम नतीजे आने वाले हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड May 01, 2026 पर 7:28 PM
Market Next Week : अगले हफ्ते बाजार पर दिखेगा घरेलू राजनीतिक घटनाओं का असर, बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव
Stock Market: रूस के साथ भारत की $1.2 बिलियन की मिसाइल डील से देश की रणनीतिक क्षमताओं को मज़बूत मिलेगी और डिफेंस, कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बूस्ट मिलेगा

Market Next Week : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि FIIs की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली, रुपए की कमजोरी, कच्चे तेल का कीमतों में तेजी और US-ईरान बातचीत में कोई प्रगति न होने के कारण आगे बाजार साइडवेज मूव के साथ कंसोलीडेट होता दिख सकता है। US अपनी नाकेबंदी की नीति पर कायम है। इसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिक्कत बाजार पर अपना असर दिखाएगी। निवेशकों के मूड पर घरेलू राजनीतिक घटनाक्रमों का भी असर दिखेंगा। अगले हफ्ते आने वाले चुनावों के अंतिम नतीजों से सोमवार को बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

चौथी तिमाही के नतीजों के मौसम में हमें स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन को मिलेंगे। कंपनियों की अर्निंग उनके शेयरों की चाल पर असर डालेगी। कोटक महिंद्रा बैंक,ज़ेन टेक्नोलॉजीज़,जिंदल स्टील एंड पावर और अन्य कंपनियों के अहम नतीजे आने वाले हैं।

गुरुवार को भारतीय बाजार कमजोरी के साथ खुले,लेकिन दिन के निचले स्तरों से उनमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली,हालांकि बेंचमार्क लाल निशान में ही बंद हुए। इस रिकवरी में सबसे ज्यादा योगदान निचले स्तरों पर हुई'वैल्यू बाइंग'और IT तथा फार्मा शेयरों से मिले सपोर्ट का था। निफ्टी 0.7% की गिरावट के साथ 23,997 पर बंद हुआ,जबकि छोटे-मझोले शेयर दबाव में रहे। मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.8% और 0.5% की गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो मेटल्स,PSU बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे,जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो बढ़त (+0.5%) के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं (110 USD प्रति बैरल से ऊपर),जबकि भारतीय रुपया गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.3/USD पर पहुंच गया। इससे मैक्रो दबाव और बढ़ गया। इसके अलावा देश में चल रहे हीटवेव से महंगाई का दबाव और बढ़ रहा है। बढ़ते तापमान के कारण खाने-पीने की चीज़ों,खासकर सब्जियों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही,पहले से ही ऊंची चल रही एनर्जी की कीमतें भी कुल खपत पर भारी पड़ सकती हैं। हालांकि,इससे बिजली,कूलिंग अप्लायंसेज और एग्री-इनपुट सेगमेंट को बढ़ती मांग का फायदा मिलेगा।

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