Market outlook : नेगेटिव नोट पर बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 27 जनवरी को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Stock market news:आज सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमेंकैपिटल गुड्स, पावर, रियल्टी, PSU बैंक, मीडिया 2-3% नीचे रहे। BSE मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को एक ही सेशन में 6 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का नुकसान हुआ

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 4:38 PM
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Stock market today : अच्छे ग्लोबल मार्केट और सपोर्टिव डोमेस्टिक PMI डेटा के बावजूद भारतीय इक्विटी मार्केट में बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये में रिकॉर्ड गिरावट, FII की बिकवाली और भारत के महंगे वैल्यूएशन के कारण सेंटिमेंट पर दबाव रहा

Stock market : 23 जनवरी को भारतीय इक्विटी इंडेक्स नेगेटिव नोट पर बंद हुए। निफ्टी 25,100 के नीचे चला गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 769.67 अंक या 0.94 प्रतिशत गिरकर 81,537.70 पर और निफ्टी 241.25 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 25,048.65 पर बंद हुआ। लगभग 1295 शेयरों में तेज़ी आई, 2736 शेयरों में गिरावट आई और 139 शेयर अपरिवर्तित रहे। निफ्टी के टॉप लूज़र्स में अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी पोर्ट्स, इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन और सिप्ला शामिल रहे। जबकि निफ्टी के टॉप गेनर्स में डॉ. रेड्डीज़ लैब्स, टेक महिंद्रा, ONGC, हिंडाल्को और HUL शामिल रहे।

आज सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमेंकैपिटल गुड्स, पावर, रियल्टी, PSU बैंक, मीडिया 2-3% नीचे रहे। BSE मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को एक ही सेशन में 6 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का नुकसान हुआ। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 458.5 लाख करोड़ रुपए से गिरकर 452 लाख करोड़ रुपए से नीचे आ गया।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल


HDFC सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि पिछले सेशन में उछाल दिखाने के बाद,शुक्रवार को निफ्टी में तेज़ी से गिरावट आई और यह 241 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। पॉजिटिव शुरुआत के बाद,बाज़ार शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाया और सेशन की शुरुआत से ही इसमें कमज़ोरी आने लगी। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बेयर कैंडल बनी,जो 25400 के हालिया स्विंग हाई पर लोअर टॉप रिवर्सल पैटर्न बनने का संकेत है। वीकली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले हफ़्ते के मामूली उछाल के बाद इस हफ़्ते एक लॉन्ग बेयर कैंडल बनाई। कुल मिलाकर चार्ट पैटर्न नेगेटिव बना हुआ है और अगले हफ़्ते तक निफ्टी के 24900 के हालिया निचले स्तर से भी नीचे जाने की उम्मीद की जा सकती है। शॉर्ट-टर्म में गिरावट का टारगेट 24600 के आसपास नजर आ रहा है। वहीं, तत्काल रेजिस्टेंस 25200 के आसपास है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि भारत को लेकर FII का रुख भारत के कॉर्पोरेट अर्निंग ट्रेंड से तय होगा। अगर कंपनियों की अर्निंग में मजबूत ग्रोथ होती है तो FII की खरीदारी लौट सकती है। एफआईआई के पास ऐसे दूसरे बाजारों में निवेश करने का अच्छा विकल्प है जहां वैल्यूएशन सस्ता है और अर्निंग बेहतर है। चूंकि भारत में अर्निंग ग्रोथ दिखने में अभी कुछ और समय लग सकता है। ऐसे में FII की बिकवाली जारी रहने की उम्मीद है। FII किसी भी पॉजिटिव खबर के चलते आई रैली में शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं। हालांकि FII की सीमित मौजूदगी वाले छोटे-मझोले शेयरों में उनके Q3 के नतीजों के आधार पर एक्शन देखने को मिल सकता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि अच्छे ग्लोबल मार्केट और सपोर्टिव डोमेस्टिक PMI डेटा के बावजूद भारतीय इक्विटी मार्केट में बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये में रिकॉर्ड गिरावट, FII की बिकवाली और भारत के महंगे वैल्यूएशन के कारण सेंटिमेंट पर दबाव रहा। रियल्टी और PSU बैंक के शेयरों ने एग्जीक्यूशन से जुड़ी देरी और प्रॉफिट बुकिंग के कारण खराब प्रदर्शन किया, जबकि अमेरिकी रेगुलेटर द्वारा संभावित समन की खबरों के बीच अडानी ग्रुप के शेयर दबाव में आ गए। आगे मार्केट सेंटिमेंट सतर्क रहने की संभावना है। बाजार की नजर आने वाले यूनियन बजट और US फेड के इंटरेस्ट रेट के फैसले पर रहेगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के वाइस प्रेसिडेंट रुचिता जैन ने कहा कि बाजार के लिए शॉर्ट टर्म ट्रेंड नेगेटिव है क्योंकि निफ्टी इंडेक्स लोअर टॉप लोअर बॉटम स्ट्रक्चर बना रहा है। हाल की बिकवाली में भी मार्केट ब्रेथ काफी नेगेटिव रही है। निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल 25,400 पर आ गया है और जब तक इंडेक्स इसके नीचे ट्रेड करता रहेगा, हमें गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल सकता है। ट्रेडर्स को सलाह है कि जब तक ट्रेंड रिवर्सल के कोई संकेत न दिखें तब तक सावधान रहें।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकली, निफ्टी अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज, 200 DEMA से नीचे फिसल गया है। इससे और गिरावट की संभावना का संकेत मिल रहा है। 24,750–24,900 का ज़ोन अब अगला अहम सपोर्ट एरिया बनकर उभरा है, जबकि 25,300–25,400 का ज़ोन किसी भी उछाल की स्थिति में तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बावजूद, कुछ खास सेक्टर मज़बूती दिखा रहे हैं और खरीदारी के मौके दे रहे हैं। इस माहौल में, पार्टिसिपेंट्स को सलाह होगी कि वे चुनिंदा शेयरों पर नजर रखें और संतुलित अप्रोच अपनाएं। सेक्टोरल मज़बूती और कमज़ोरी के आधार पर दोनों तरफ पोजीशन लें और पोजीशन की साइज़ पर कड़ी नज़र रखें।

एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आवरली चार्ट पर 20 EMA से नीचे बने रहने के साथ आज पूरे सेशन के दौरान इंडेक्स कमजोर रहा। आखिरकार निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 200 DMA से नीचे फिसल गया है। यह अहम लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज को बचाने की नाकाम कोशिश के बाद बुल द्वारा हार मानने का संकेत है। ऐसे में अब जब तक निफ्टी 25,500 से नीचे ट्रेड करता है, तब तक शॉर्ट से मीडियम टर्म सेंटीमेंट कमजोर रहने की संभावना है। शॉर्ट टर्म में गिरावट 24,700 तक गिर सकता है।

 

 

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