Budget 2026 Expectations : 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में इस बार निवेश बढ़ाने पर मुख्य फोकस हो सकता है। CNBC-आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक न्यू ऐज टेक्नोलॉजी वाले सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है। पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर कहा कि 1 फरवरी को आने वाले बजट में निवेश बढ़ाने पर फोकस हो सकता है। बजट में निवेश बढ़ाने के लिए इंसेंटिव देने का ऐलान संभव है।
सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री के पास मौजूदा इंसेंटिव स्कीम का दायरा बढ़ाने का भी विकल्प है। इस बजट में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय हालात को ध्यान में रखते हुए बड़े ऐलान संभव हैं। सरकार को लग रहा है कि AI,डाटा सेंटर,डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने की जरुरत है। AI डाटा सेंटर के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना बड़ी चुनौती है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार इस सेक्टर में निवेश के लिए बड़ी पहल कर सकती है।
लक्ष्मण रॉय ने आगे बताया कि इस बार के बजट में निवेश ही सबसे ज्यादा फोकस वाला एरिया रहेगा। इसकी एक वजह ये है कि जिस तरह के अंतर्राष्ट्रीय हालात बने हुए है उसमें बड़े-बड़े निवेशक सोच रहें हैं कि कहां पैसे लगाए जाएं। भारत की तरफ हर कोई उम्मीद लगा कर बैठा हुआ है। ऐसे में देश में आपको निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाना है तो इसके लिए क्या कुछ किया जा सकता है, इसी पर बजट का सबसे ज्यादा फोकस रहने वाला है।
इसके अलावा सरकार अलग-अलग देशों से फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट कर रही है। इससे निवेशकों के लिए रास्ते खुल रहे हैं। ऐसे में सरकार चाहेगी कि कुछ ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे निवेशक भारत में पैसे लगाने के आकर्षित हों। इससे लिए बजट में बड़े ऐलान हो सकते हैं। सरकार प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के लिए इंसेंटिव दे सकती है। सरकारी निवेश तो हमेशा होता रहा है। लेकिन देश में प्राइवेट निवेश अभी तक तेजी पकड़ता नहीं दिखा है। ऐसे में सरकार का फोकस प्राइवेट निवेश बढ़ाने पर रह सकता है। इसमें भी शायद सरकार ट्रेडिशनल सेक्टर पर कम फोकस करे। सरकार का फोकस उन सेक्टरों पर होगा जो अपकमिंग सेक्टर हैं, जहां पर नए निवेश आ रहे हैं और जो नए जमाने की टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए है।