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Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Stock markets : ट्रंप की टैरिफ योजनाओं के बाद ग्लोबल ट्रेड की पूरी संरचना बदल सकती है और बाजारों इसके असर को पचाने में कुछ समय लगा सकता। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि ट्रंप की टैरिफ योजनाओं की रूपरेखा क्या होती है। अगर बाजार को इन नीतियों से निराशा होती है तो हमें गिरावट दिखेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 02, 2025 पर 4:18 PM
Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market cues: निफ्टी अब 23,100 के आसपास सपोर्ट ले रहा है जो 20 DEMA और 50 DEMA भी है। इस स्तर को बचाए रखना जरूरी होगा

Market trend : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 2 अप्रैल को बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,300 से ऊपर पहुंच गया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 592.93 अंक या 0.78 फीसदी बढ़कर 76,617.44 पर और निफ्टी 166.65 अंक या 0.72 फीसदी बढ़कर 23,332.35 पर बंद हुआ। आज लगभग 2755 शेयरों में तेजी आई, 1049 शेयरों में गिरावट आई और 130 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए, जिनमें FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी में 1-3 फीसदी की तेजी आई। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में लगभग 1 फीसदी की तेजी आई।

टाटा कंज्यूमर, जोमैटो, टाइटन कंपनी, इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी निफ्टी के टॉप गेनरों में रहे, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, नेस्ले इंडिया, पावर ग्रिड कॉर्प और एलएंडटी में गिरावट दर्ज की गई।

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के CEO संदीप बागला ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि ट्रंप की टैरिफ योजनाओं के बाद ग्लोबल ट्रेड की पूरी संरचना बदल सकती है और बाजारों इसके असर को पचाने में कुछ समय लगा सकता। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि ट्रंप की टैरिफ योजनाओं की रूपरेखा क्या होती है। अगर बाजार को इन नीतियों से निराशा होती है तो हमें गिरावट दिखेगी। ऐसा नहीं लगता कि टैरिफ की कहानी अभी बाजारों पर पूरी तरह से अपना असर दिखा पाई है। अभी इस पूरा असर दिखना बाकी है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने अपने एक नोट में कहा है कि पिछले पांच महीनों में 16 फीसदी की तेज गिरावट के बाद बाजार की धारणा और मोमेंटम इंडीकेटर मंदी के सबसे निचले स्तर से उबर चुके। यहां से आने वाले किसी भी पुलबैक को एक हेल्दी रिट्रेसमेंट माना जाना चाहिए। इससे इंडेक्स को 22,800 के आसपास एक हाई बेस बनाने में मदद मिलेगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए मध्यम अवधि के नजरिए से क्वालिटी शेयरों को एक्युमुलेट करने पर फोकस करना चाहिए।

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