Stock Market : पश्चिम एशिया मे एनर्जी संकट गहराने से बाजार में तीन दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया है। निफ्टी करीब 525 अंक टूटकर 23250 के पास आ गया है। बैंक निफ्टी में 1700 अंको से ज्यादा की गिरावट दिख रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.5 से 2 फीसदी फिसले हैं। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX में 16% से ज्यादा का उछाल दिखा है। आज का बड़ा एक्सिडेंट एचडीएफसी बैंक में देखने को मिला है। बाजार के लिए 4 बड़े निगेटिव संकेत हैं। क्रूड में उबाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर के करीब पहुंच गया है। ग्लोबल बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। फेड के फैसले के बाद डॉलर इंडेक्स 100 के पार दिख रहा है।
तेल में उछाल के पीछे बड़ा ट्रिगर
तेल में उछाल के पीछे के बड़े ट्रिगर की बात करें तो कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर ईरानी मिसाइल से हमला हुआ है। 4 मिसाइलें रोकी गईं हैं। इस महीने की शुरुआत में ही LNG प्लांट का उत्पादन रुक चुका था। इससे पहले इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था। साउथ पार्स ईरान का सबसे बड़ा गैस फील्ड है। 2025 में साउथ पार्स से रोजाना 730 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन हुआ है। एनालिस्ट्स का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल भी जाए तो स्थिति सामान्य होने में काफी समय लगेगा। सिटीग्रुप का कहना है कि ब्रेंट की कीमतें Q2 और Q3 CY26 में औसतन 130 डॉलर प्रति बैरल हो सकती हैं।
अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट
वॉल स्ट्रीट इंडेक्स बुधवार को तेजी से गिरा। डाओ जोंस लगभग 800 अंक नीचे बंद हुआ। S&P 500 और नैस्डैक में 1.5% तक की गिरावट देखने को मिली। 2024 के बाद S&P 500 का सबसे खराब फेड फैसले वाला दिन रहा। कल S&P 500 के 420 से ज्यादा शेयर नीचे बंद हुए। क्रूड में उछाल, फेड के दरें बरकरार रखने, अनुमान से ज्यादा PPI महंगाई ने बाजार पर दबाव बनाया है।
ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। महंगाई अनुमान 2.5% से बढ़ाकर 2.7% किया। जेरोम पॉवेल ने कहा है कि महंगाई उतनी तेजी से कम नहीं हो रही जितना हमने सोचा था। ईरान युद्ध और महंगी एनर्जी कीमतें महंगाई को और बढ़ाएंगी। अगर महंगाई में कमी नहीं दिखी तो ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं होगी।
निवेशकों के लिए अब भी वही रणनीति है। अच्छी क्वालिटी के शेयरों अब सस्ते हो रहे हैं। ऐसे में 20% ग्रोथ और 10-15 PE वाले शेयर खोजिए। ऐसे शेयरों को पैनिक गिरावट वाले दिनों में जोड़िए स्मॉलकैप यहां से 20% और गिर सकते हैं लेकिन अपसाइड 100% है। पर उसके लिए आपका 5 साल का नजरिया होना जरूरी है। निफ्टी ETF के 2 हिस्से लग चुके हैं। तीसरा हिस्सा तब ही जब निफ्टी 22,500 पर आए। अगर ना आए तो कोई दिक्कत नहीं है। अगर ट्रेडर हैं तो शांत रहें और दोनों तरफ मौके खोजें। इस बाजार में एकतरफा नजरिया लेने वालों की धज्जियां उड़ेंगी। अगर आपका नजरिया किसी दिन सही पड़ जाए तो अहंकार नहीं करें। क्योंकि अगले दिन बाजार क्या करेगा, आपको नहीं पता।
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