Market cues : 23800 के रेज़िस्टेंस लेवल से ऊपर बंद होने पर ही आएगी टिकाऊ तेजी, बाजार की रुझान अभी भी कमजोर
Trade setup for today : अगर निफ्टी 23,600 (बुधवार का निचला स्तर) को तोड़ता है, तो आने वाले सत्रों में 23,500–23,350 के दायरे की ओर गिरावट संभव है। बाजार जानकारों का कहना है कि 24,000 की ओर आगे की बढ़त तभी संभव है जब इंडेक्स 23,800 के रेजिस्टेंस स्तर के ऊपर बंद हो और उस पर टिका रहे
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 मार्च को बढ़कर 1.14 पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.09 था
Trade setup for today : Nifty लगातार तीसरे दिन पॉज़िटिव ज़ोन में रहा।18 मार्च को इसमें 0.83 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह अपने हाल के निचले स्तर से 3.5 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स के 'ओवरसोल्ड' ज़ोन में पहुंचने के बाद उसके मोमेंटम में सुधार हुआ। साथ ही VIX में भी गिरावट आई। इसके चलते बाजार में रिकवरी देखने को मिली। हालांकि, व्यापक रुझान अभी भी 'लोअर टॉप्स' और 'लोअर बॉटम्स' का पैटर्न दिखा रहा है, और मोमेंटम इंडिकेटर्स सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, पिछले कुछ सत्रों में स्थिर रहने के बाद तेल की कीमतों में अचानक तेज़ी आई। वहीं, उम्मीद से ज़्यादा महंगाई के आंकड़ों ने 2026 में Fed द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इसलिए, अगर इंडेक्स 23,600 (बुधवार का निचला स्तर) के स्तर को तोड़ता है तो आने वाले सत्रों में इसमें 23,500–23,350 के ज़ोन की ओर गिरावट आ सकती है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडेक्स में 24,000 के स्तर की ओर और तेज़ी तभी आएगी, जब यह 23,800 के 'रेज़िस्टेंस लेवल' से ऊपर बंद हो और उस स्तर पर टिका रहे।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,660, 23,602 और 23,509
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,846, 23,903 और 23,997
Nifty ने डेली चार्ट पर एक छोटी ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई है, जो ऊपरी स्तरों पर कुछ दबाव के बावजूद एक पॉजिटिव रुझान का संकेत है। इंडेक्स पिछले हाई से ऊपर बंद हुआ और लगातार दूसरे सेशन में गोल्डन रेश्यो (61.8 प्रतिशत Fibonacci retracement level, जो 23,500 से ठीक ऊपर है) से ऊपर बना रहा, जो एक पॉजिटिव संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वे अभी भी सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं।
RSI हाल के निचले स्तर 24.15 से बढ़कर 37.04 पर पहुंच गया है, लेकिन यह अभी भी 40 के निशान से नीचे बना हुआ है। जबकि MACD रेफरेंस और ज़ीरो, दोनों लाइनों से नीचे बना हुआ है। इंडेक्स अभी भी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जिनका झुकाव अभी भी नीचे की ओर है। ये सभी फैक्ट संकेत दे रहे हैं कि, चल रहे पुलबैक के बावजूद, व्यापक रुझान अभी भी कमज़ोर बना हुआ है और इसमें मज़बूती की पुष्टि की जरूरत है।
बैंक निफ्टी
पिवट प्वाइंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,520, 55,724 और 56,055
पिवट प्वाइंट पर आधारित सपोर्ट: 54,859, 54,655 और 54,325
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस : 56,473, 57,484
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,727, 53,067
बैंक निफ्टी 0.82 प्रतिशत बढ़ा और डेली चार्ट पर थोड़ी ऊपरी और निचली शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई, जो लगातार तीसरे सेशन में कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद पुलबैक जारी रहने का संकेत है। इंडेक्स कल एक और सेशन में 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। हालांकि, ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट आई है। इसके अलावा, अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते जा रहे हैं, जिसमें 20-दिन का EMA 200-दिन के EMA से नीचे गिरने की कगार पर है। इसके साथ ही 50 डे EMA भी 100 डे EMA से नीचे फिसलने के करीब है।
RSI लगभग 23 से बढ़कर 35.11 पर पहुंच गया, लेकिन 40 के लेवल से नीचे बना हुआ है। जबकि, MACD अभी भी सिग्नल और ज़ीरो, दोनों लाइनों से काफी नीचे है। हालांकि, हिस्टोग्राम की कमज़ोरी और कम हुई है। ये सभी फैक्टर संकेत देते हैं कि, जहाँ एक ओर पुलबैक बरकरार है, वहीं दूसरी ओर व्यापक ट्रेंड में अभी भी मज़बूत बुलिश मोमेंटम की कमी है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 5.39 प्रतिशत गिरकर 18.72 पर आ गया। यह लगातार तीसरे सत्र में नीचे गिरा है, जिससे तेजड़ियों का भरोसा बढ़ रहा है। हालांकि, यह अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। तेजड़ियों को पूरी तरह से तभी राहत मिलेगी, जब यह 15-13 के स्तर से नीचे गिरकर वहीं टिका रहे।
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 मार्च को बढ़कर 1.14 पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.09 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL, Sammaan Capital
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।