FII Investment : FIIs ने मार्च के पहले पखवाड़े में फाइनेंशियल शेयरों में की 31,000 करोड़ की बिकवाली, जानिए कहां डाले पैसे

FII Investment : NSDL द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबित FIIs ने मार्च के पहले पखवाड़े में भारतीय बाजारों में कुल मिलाकर 53,700 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की है। इन्होंने मार्च के पहले पखवाड़े में फाइनेंशियल शेयरों में की 31,000 करोड़ रुपए की बिकवाली की है

अपडेटेड Mar 19, 2026 पर 8:21 AM
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FII Investment : ब्रोकरेज फर्मों ने चेतावनी दी है कि अगर तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो वित्त वर्ष 2027 के अर्निंग अनुमानों में 10 से 15 फीसदी तक की गिरावट का जोखिम हो सकता है

FII Investment : विदेशी निवेशकों ने फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली की है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस बिकवाली की वजह भू-राजनीतिक खतरे, रुपये पर असर डालने वाली तेल की बढ़ती कीमतें और रेग्युलेटरी सख्ती का मिला-जुला असर रहा। मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान, FIIs ने फाइनेंशियल सर्विसेज में 31,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की, जबकि फरवरी में उन्होंने इस सेगमेंट में 8,400 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

इन वजहों से बना दबाव

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली के मुख्य कारण ईरान-मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव, बढ़ती बॉन्ड यील्ड से जुड़ी चिंताएं और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा पूंजी बाज़ार में उधार देने के लिए लागू किए गए सख़्त नियम रहे हैं। ईरान-मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव की वजह से बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ी है। वहीं, बॉन्ड यील्ड से जुड़ी चिंताओं के चलते ट्रेजरी पोर्टफोलियो पर निगेटिव असर पड़ रहा है।


कुल मिलाकर 53,700 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली

NSDL द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबित FIIs ने मार्च के पहले पखवाड़े में भारतीय बाजारों में कुल मिलाकर 53,700 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की है। मार्च की शुरुआत से ही भारतीय बाज़ारों में तेज़ी से गिरावट देखने को मिली है। इसकी वजह ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच तनाव, तेल की बढ़ती कीमतें, महंगे वैल्यूएशन, घरेलू बाजार में लिस्टेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों की कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली रही है।

सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 8% की गिरावट

इस अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि, मिड और स्मॉल कैप लगभग 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। ब्रोकरेज फर्मों ने चेतावनी दी है कि अगर तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो वित्त वर्ष 2027 के अर्निंग अनुमानों में 10 से 15 फीसदी तक की गिरावट का जोखिम हो सकता है।

ऑटो, टेलीकॉम और कंस्ट्रक्शन में भी हुई बिकवाली

ऑटो, टेलीकॉम और कंस्ट्रक्शन जैसे दूसरे सेक्टरों में भी विदेशी निवेशकों की तरफ से बिकवाली का दबाव देखने को मिला है। मार्च के पहले पखवाड़े में इन सेक्टरों से 4,800 करोड़ रुपये, 3,856 करोड़ रुपये और 2,975 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। इसकी तुलना में, फरवरी में ऑटो और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 3,586 करोड़ रुपये और 4,487 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। जबकि, टेलीकॉम सेक्टर से 1,881 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी।

तेल और गैस सेक्टर में 2,932 करोड़ रुपये की बिकवाली

मार्च के पहले पखवाड़े में, तेल और गैस सेक्टर में 2,932 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई, जबकि हेल्थ केयर सेक्टर से 2,436 करोड़ रुपये की निकासी हुई। FMCG, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 2,403 करोड़ रुपये, 2,133 करोड़ रुपये और 1,727 करोड़ रुपये की बिकवाली देखी गई। जबकि, कंस्ट्रक्शन और IT सेक्टर में 1,492 करोड़ रुपये और 1,263 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली।

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FIIs ने यहां किया निवेश

बाज़ार में बड़े पैमाने पर हुई बिकवाली के बावजूद, मार्च के पहले पखवाड़े में कुछ सेक्टरों में निवेश आया। कैपिटल गुड्स सेक्टर में फरवरी के 12,135 करोड़ रुपये के निवेश के बाद मार्च 3,897 करोड़ रुपये का निवेश आया। जबकि, मेटल्स और पावर सेक्टर में 876 करोड़ रुपये और 602 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।

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