US Fed ने ब्याज दरों नहीं किया बदलाव, ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई को लेकर जताई चिंता
PCE इंडेक्स के आधार पर मापी जाने वाली महंगाई दर के 2.7 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया गया है। पहले यह अनुमान लगाया गया था कि साल के आखिर तक यह दर घटकर 2.4 फीसदी हो जाएगी। US Fed का लंबी अवधि का महंगाई का लक्ष्य 2 फीसदी ही बना हुआ है
US Fed rate : कोर महंगाई के भी अब बढ़कर 2.7 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पहले के 2.5 फीसदी के अनुमान से अधिक है
US Fed rate : US फेडरल रिज़र्व ने उम्मीद के मुताबिक, US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव के बावजूद, ब्याज़ दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ती महंगाई, कमज़ोर होती लेबर डिमांड और ईरान में युद्ध के कारण "अनिश्चित" के दौर से जूझ रही है। यह फ़ैसला 11-1 के बहुमत के साथ लिया गया है। यानी सभी सदस्यों ने स्टेटस-को के पक्ष में वोट किया। सिर्फ एक सदस्य स्टीफ़न मिरान (Stephan Miran) ने रेट कट का समर्थन किया।
Fed ने दरों को 3.50 फीसदी से 3.75 फीसदी की सीमा में बनाए रखा है। हालांकि, इसने साल के अंत तक दरों में एक कटौती के संकेत दिए हैं। Fed ने अपने बयान में कहा है कि मध्य पूर्व में हो रही घटनाओं का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा, यह अंदाजा लगाना मुश्किल है।
जेरोम पॉवेल का बयान
US Fed चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने अपने बयान में कहा है कि US-ईरान के जंग से महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई नहीं घटी तो ब्याज दरें नहीं घटेंगी। युद्ध के आर्थिक असर का अभी आकलन करना जल्दबाजी होगी। “Stagflation” शब्द का इस्तेमाल अभी ठीक नहीं होगा।
महंगाई के अनुमान में बढ़त
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने महंगाई के अपने अनुमान को भी बढ़ा दिया है। इसने ईरान युद्ध के चलते कीमतों में बढ़त की संभावना की हवाला देते हुए, इसके 2026 के अंत तक 2.7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। अपने 'आर्थिक अनुमानों की समरी' रिपोर्ट में, फेड ने PCE महंगाई के अनुमान को 2.4 फीसदी से बढ़ाकर 2.7 प्रतिशत कर दिया है।
कोर महंगाई के भी अब बढ़कर 2.7 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पहले के 2.5 फीसदी के अनुमान से अधिक है। बता दें कि कोर महंगाई में खाने-पीने की चीजें और ईंधन जैसे अस्थिर घटक शामिल नहीं होते हैं।
ग्रोथ और रोज़गार के अनुमान
बुधवार को जारी अनुमानों से पता चलता है कि हाल के महीनों में पॉलिसी महंगाई को लेकर ज़्यादा सतर्क हो गए हैं। PCE इंडेक्स पर आधारित महंगाई के अब औसत अनुमानों के आधार पर 2.7 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया है। पहले इसके साल के आखिर तक घटकर 2.4 फीसदी हो जाने का अनुमान लगाया गया था। फेड का लंबी अवधि का महंगाई का लक्ष्य 2 फीसदी ही बना हुआ है।
बेरोज़गारी दर के साल के अंत तक 4.4 फीसदी पर बने रहने का अनुमान है। इस अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस बीच, इस साल GDP ग्रोथ 2.4 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो दिसंबर में अनुमानित 2.3 फीसदी से थोड़ी ज़्यादा है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने पिछले साल के आखिर में लगातार तीन बार ब्याज दरें घटाई थीं। लेकिन जनवरी की बैठक में दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। फेड का लक्ष्य महंगाई को 2 फीसदी के लंबे समय के लक्ष्य के करीब बनाए रखने के साथ ही ज़्यादा रोज़गार उपलब्ध करवाना है।
जेरोम पॉवेल ने कहा कि जांच के बीच वह पद नहीं छोड़ेंगे
US फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने बुधवार को यह भी कहा कि जब तक रेनोवेशन के खर्चों से जुड़ी जस्टिस डिपार्टमेंट की चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका सेंट्रल बैंक के बोर्ड से हटने का कोई इरादा नहीं है।
पॉवेल ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "जब तक जांच पूरी तरह से, पूरी पारदर्शिता और अंतिम रूप से खत्म नहीं हो जाती, तब तक बोर्ड छोड़ने का मेरा कोई इरादा नहीं है।"
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि मई में चेयरमैन के तौर पर उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद, वह फेड गवर्नर के तौर पर काम जारी रखेंगे या नहीं।
उनकी टिप्पणियों से पहली बार पॉवेल ने सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिया है कि मई में चेयरमैन के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी, वह 2028 तक गवर्नर के रूप में अपना कार्यकाल जारी रखने का इरादा रखते हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सरकारी जांच के बीच, हाल के महीनों में इस बात की अटकलें बढ़ गई थीं कि वह ऐसा ही करेंगे।
बता दें कि जेरोम पॉवेल का फेड चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल मई में समाप्त होने वाला है, जबकि गवर्नर के तौर पर उनका कार्यकाल जनवरी 2028 तक चलेगा।
गौरतलब है कि यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से पॉवेल और फेड दोनों से ब्याज दरें तेज़ी से घटाने की गुज़ारिश करते रहे हैं। उन्होंने पॉवेल की जगह लेने के लिए फेड के पूर्व गवर्नर केविन वॉर्श को नॉमिनेट किया है। लेकिन सीनेट में कुछ रिपब्लिकन सदस्यों ने इस प्रक्रिया को लटका दिया। इन सदस्यों ने इस जांच पर आपत्ति जताई है। नॉर्थ कैरोलिना के एक रिपब्लिकन सदस्य, थॉम टिलिस ने कहा है कि जब तक यह मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं जाता, तब तक वे वॉर्श के नॉमिनेशन को आगे बढ़ाने के लिए वोट नहीं देंगे।