Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 20 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Outlook : घरेलू इक्विटी इंडेक्स ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और लाल निशान में बंद हुए। आज की शुरुआती तेजी अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन्स में अस्थायी रोक लगाए जाने की उम्मीद से पैदा हुई थी। मिड और स्मॉल-कैप शेयरों ने अपने लार्ज-कैप साथियों को पीछे छोड़ दिया
Market cues : Angel One के राजेश भोसले के मुताबिक 23,300–23,100 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है,जिसका निचला सिरा 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल से मेल खाता है
Market Outlook : मंगलवार को एक उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के अंत में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई तेजी को प्राइवेट बैंकों,कुछ चुनिंदा कंजम्पशन शेयरों और कई दिग्गज शेयरों में आई कमजोरी ने बेअसर कर दिया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 114.19 अंक या 0.15 प्रतिशत गिरकर 75,200.85 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 31.95 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 23,618.00 पर बंद हुआ। हालांकि, ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना रहा। आज 1,526 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,477 शेयरों में तेजी देखने को मिली। IT, रियल्टी और PSU बैंक के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया,जबकि प्राइवेट बैंक और कुछ चुनिंदा डिफेंसिव शेयरों ने बेंचमार्क पर दबाव डाला।
निफ्टी के रियल्टी इंडेक्स में 1.43 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि PSU बैंक और मीडिया इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त हुई। कमजोर क्लोजिंग के बावजूद इन इंडेक्स ने बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी IT इंडेक्स में 3.23 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त हुई और यह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया। Infosys में 4.76 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि HCL Tech,Tech Mahindra और TCS में 2-3 प्रतिशत की बढ़त हुई।
एस्ट्रल 6.34 प्रतिशत गिरकर BSE मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। जबकि गोदरेज इंडस्ट्रीज और एस्कॉर्ट्स कुबोटा में 2-3 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.74 प्रतिशत गिर कर बंद हुआ है। फ्रंटलाइन इंडेक्स में गिरावट की यह एक बड़ी वजह रही। कोटक महिंद्रा बैंक 2.5 प्रतिशत गिरा और निफ्टी का सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा।
डॉलर के मुकाबले रुपए का कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक जोखिम की भावना को लेकर लगातार बनी चिंताओं के बीच, भारतीय रुपया मंगलवार को और कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.53 के एक नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 इंडेक्स में 0.9-1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई। इन्होंने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में 5.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। BSE मिडकैप में बढ़त बनाने वाले शेयरों की बात करें ते Tata Technologies 6.25 प्रतिशत ऊपर चढ़ा,जबकि KPIT Tech और Coforge ने टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों में लगातार जारी खरीदारी के बीच 4-5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हासिल की।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि घरेलू इक्विटी इंडेक्स ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और लाल निशान में बंद हुए। आज की शुरुआती तेजी अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन्स में अस्थायी रोक लगाए जाने की उम्मीद से पैदा हुई थी। मिड और स्मॉल-कैप शेयरों ने अपने लार्ज-कैप साथियों को पीछे छोड़ दिया। एक बड़ी गिरावट के बाद इनमें फिर से खरीदारी देखने को मिली।
उन्होने आगे कहा कि चौथी तिमाही के नतीजों से घरेलू आर्थिक मजबूती के संकेत मिले हैं। लेकिन बाजार का फोकस अब तेजी से बढ़ते महंगाई के दबाव की ओर हो रहा है। Q1FY27 के अर्निंग अनुमानों में संभावित कटौती को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसकी मुख्य वजहें हैं उम्मीद से ज्यादा रही थोक महंगाई,ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का धीरे-धीरे असर दिखना और बॉन्ड यील्ड का लगातार ऊंचा बने रहना।
कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान का मानना है कि 23,800 का लेवल या 50-डे SMA, Nifty के लिए एक अहम रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा,जबकि 23,500 पर अहम सपोर्ट होगा। चौहान ने कहा कि 23,800 के ऊपर जाने पर निफ्टी 23,875-23,900 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर इंडेक्स 23,500 से नीचे गिरता है तो 23,300-23,250 तक गिरने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि ऑवर्ली RSI अभी भी बेयरिश क्रॉसओवर में बना हुआ है और लगातार नीचे की ओर जा रहा है, जो मोमेंटम के कमजोर पड़ने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में बाज़ार का रुख मंदड़ियों के पक्ष में रहने की संभावना है। 23,800 का जोन एक अहम 'रेज़िस्टेंस लेवल'बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इसे निर्णायक रूप से पार करके ऊपर नहीं चला जाता,तब तक मंदड़िए किसी भी समय फिर से बाजार पर हावी हो सकते हैं। दूसरी ओर 23,400 पर तत्काल सपोर्ट मौजूद है। अगर इंडेक्स इस स्तर से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव और भी बढ़ सकता है।
Angel One के इक्विटी टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट राजेश भोसले के मुताबिक Nifty अभी डेली चार्ट्स पर कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। पिछले एक हफ्ते में इंडेक्स बार-बार 23,300 के अहम जोन को बचा रहा है। यह लेवल अप्रैल के निचले स्तर 22,180 से लेकर हाल के हाई 24,600 तक की तेजी के 50% रिट्रेसमेंट के बराबर है।
भोसले ने आगे कहा कि 23,300–23,100 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है,जिसका निचला सिरा 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल से मेल खाता है। ऊपर की तरफ 23,850–23,900 की रेंज तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकती है,क्योंकि यह पिछले हफ्ते के हाई और 20 डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (DEMA) से मेल खाती है।
उन्होंने आगे कहा कि ऑवर्ली चार्ट एक'डबल-बॉटम'पैटर्न बनने का संकेत दे रहा है,साथ ही 23,300 के स्तर के आसपास'पॉजिटिव डाइवर्जेंस'भी दिख रहा है। 23,900 के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट आने से तेजी का एक नया दौर शुरू हो सकता है,जो निफ्टी को 24,150 पर मौजूद 50 DEMA की ओर और उससे भी आगे ले जा सकता है।
भोसले की राय है कि ट्रेडर्स को 23,300–23,100 के सपोर्ट बैंड और 23,850–23,900 के रेजिस्टेंस जोन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए,क्योंकि अगली कोई भी अहम चाल इसी रेंज से ब्रेकआउट होने के बाद ही आने की संभावना है।
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