Cupid Share Price: क्यूपिड का शेयर 19 मई को 5 फीसदी से ज्यादा गिरा। हालांकि, मार्च तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। कारोबार के अंत में कंपनी का शेयर 5.33 फीसदी गिरकर 114.40 रुपये पर बंद हुआ। लेकिन, बीते एक साल में यह शेयर 500 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। यह कंपनी कंडोम बनाती है।
क्रूड ऑयल में उछाल से गिरा शेयर
Cupid के शेयर में 19 मई को आई गिरावट की वजह मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई है। कंडोम की मैन्युफैक्चरिंग में क्रूड आधारित रॉ मैटेरियल्स का इस्तेमाल होता है। क्रूड ऑयल की सप्लाई में बाधा और इसकी बढ़ती कीमतों का असर क्यूपिड के बिजनेस पर पड़ सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं।
FY26 में कंपनी का शानदार प्रदर्शन
क्यूपिड ने पिछले हफ्ते मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट उसके गाइडेंस से ज्यादा था। कंपनी ने 335 करोड़ रुपये रेवेन्यू और 100 करोड़ रुपये नेट प्रॉफिट का गाइडेंस दिया था। कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा 181.11 करोड़ रुपये का कंट्रिब्यूशन पुरुष कंडोम का रहा। महिला कंडोम की हिस्सेदारी करीब 60.72 करोड़ रुपये रही।
शेयरों में तेजी से वैल्यूएशन बढ़ी
बीते एक साल में कंपनी के शेयर में आई बड़ी तेजी से वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है। इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट नितांत डारेकर ने कहा, "जिन निवेशकों के पास क्यूपिड का शेयर है वे कुछ मुनाफवसूली बुक कर सकते हैं। बाकी शेयर अपने पास बनाए रख सकते हैं।" उन्होंने कहा कि नए निवेशक इस शेयर को खरीदने के लिए इसकी कीमतों में गिरावट का इंतजार कर सकते हैं।
टेक्निकल चार्ट पर कमजोरी के संकेत
एनएसई के डेटा के मुताबिक, प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजिन, जिलेट इंडिया, इमामी, होनासा कंज्यूमर और बजाज कंज्यूमर केयर जैसी क्यूपिड की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के शेयरों में काफी कम वैल्यूएशंस पर ट्रेडिंग हो रही है। बोनांजा में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जगाड़ ने कहा, "130-133 के जोन में स्ट्रॉन्ग रेसिस्टेंस का सामना करने के बाद शेयर में बड़ा करेक्शन आया है। यह शेयर अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे चला गया है। RSI भी गिरकर 40 के करीब आ गया है।"
मीडियम टर्म में 145 रुपये जा सकता है भाव
उन्होंने कहा कि इस शेयर के लिए 118-120 रुपये पर अगला रेसिस्टेंस है। इसके बाद 130 रुपये पर रेसिस्टेंस मिलेगा। अगर शेयर 120 से ऊपर बने रहने में कामयाब रहता है तो यह मीडियम टर्म में 140-145 रुपये तक जा सकता है। अगर यह 100 रुपये से नीचे जाता है तो इसमें सेंटिमेंट और कमजोर हो सकता है।
ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा से बढ़ सकती है दिक्कत
पिछले महीने कंडोम बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी Karex ने कहा था कि अगर अमेरिका-ईरान की लड़ाई की वजह से रॉ-मैटेरियल की सप्लाई में दिक्कत बनी रहती है तो वह कीमतें 30 फीसदी तक बढ़ा सकती है। कंपनी के सीईओ ने कहा था कि ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन में दिक्कत की वजह से प्रोडक्शन कॉस्ट काफी बढ़ गया है।
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