Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 9 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook :बाजार का मूड नकदी की तंगी से भी प्रभावित हुआ। RBI ने बैंकिंग सिस्टम से 6 ट्रिलियन रुपये से ज़्यादा की अतिरिक्त लिक्विडिटी वापस ले ली,जबकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव डाला
Market Outlook :LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी 57,000 के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे बंद हुआ है,जो चार्ट स्ट्रक्चर के कमजोर होने और आने वाले सेशन में और गिरावट की संभावना का संकेत देता है
Market Outlook : आज भारतीय बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स लगभग 555 अंक गिरकर 75,577 के आसपास बंद हुआ,जबकि निफ्टी भी गिरावट के साथ 144 अंक नीचे बंद हुआ। सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी रही। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। पर्शियन गल्फ में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बने तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंता बढ़ गई है।
बाजार का मूड नकदी की तंगी से भी प्रभावित हुआ। RBI ने बैंकिंग सिस्टम से 6 ट्रिलियन रुपये से ज़्यादा की अतिरिक्त लिक्विडिटी वापस ले ली,जबकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव डाला। फाइनेंशियल स्टॉक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। SBI लाइफ, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे।
दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर स्टॉक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया क्योंकि निवेशकों ने डिफेंसिव सेक्टर को प्राथमिकता दी। डिफेंस स्टॉक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी है। जिसमें से लगभग 98% खरीद भारतीय कंपनियों से होने की उम्मीद है।
निकट भविष्य में बाजार में सतर्कता बनी रहने की संभावना है। कच्चे तेल की कीमतें, लिक्विडिटी की स्थिति और बॉन्ड यील्ड बाजार की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अप्रैल में मिड-कैप और मार्च में स्मॉल-कैप ने 52-हफ़्ते का निचले स्तर छुआ था। उसके बाद इन दोनों सेगमेंट्स ने 20-30% का जबरदस्त रिटर्न दिया है। यह तेजी घरेलू निवेश में सुधार और वैल्यू बाइंग (कम कीमत पर अच्छे शेयर खरीदना) की वजह से आई है। साथ ही,2025 की ग्लोबल मंदी,ज़्यादा महंगाई और ट्रेड टैरिफ जैसी जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं के कारण कमाई में गिरावट की चिंताएं भी कम हुई हैं।
पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से कॉर्पोरेट अर्निंग में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल तक पहुंचने के कारण इस उम्मीद को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। हालांकि चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रहेगी,लेकिन बाज़ार में अभी भी काफ़ी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए थोड़ा मुनाफा वसूल लेना समझदारी होगी।
पिछले पांच-छह महीनों में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने जो शानदार प्रदर्शन किया है,उसे आगे भी बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। रणनीतिक नज़रिए से लार्ज-कैप शेयरों और नॉन-इक्विटी ETF पर ज़्यादा ध्यान देना ज़्यादा सुरक्षित लगता है। सेक्टर के हिसाब से देखें तो हेल्थकेयर,टेलीकॉम,FMCG,डाइवर्सिफाइड बिज़नेस और IT जैसे डिफेंसिव और डीप-वैल्यू वाले सेक्टर पोर्टफोलियो को फायदा पहुंचा सकते हैं।
निफ्टी टेक्निकल व्यू
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। यह 0.61% गिरकर 23635 पर बंद हुआ,जो जून 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो सेशन के दौरान लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाती है।
टेक्निकल तौर पर निफ्टी अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है और ये एवरेज नीचे की ओर झुके हुए हैं,जो कमजोर इंटरमीडिएट-टर्म ट्रेंड का संकेत हैं। मोमेंटम इंडिकेटर पूरी तरह से बेयरिश बने हुए हैं। डेली RSI गिरकर 30.88 पर आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जो ओवरसोल्ड स्थिति को दिखाता है लेकिन अभी इसमें सुधार (रिवर्सल) के कोई संकेत नहीं हैं। MACD नेगेटिव मोमेंटम का संकेत दे रहा है और यह अपनी सिग्नल लाइन और ज़ीरो लाइन, दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। खास बात यह है कि MACD हिस्टोग्राम पिछले 18 ट्रेडिंग सेशन से ज़ीरो लाइन के नीचे बना हुआ है,जो मार्केट सेंटीमेंट में लगातार बनी कमजोरी को दिखाता है।
बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी 57,000 के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे बंद हुआ है,जो चार्ट स्ट्रक्चर के कमजोर होने और आने वाले सेशन में और गिरावट की संभावना का संकेत देता है। यह इंडेक्स अपने अहम 20-DMA और 200-DMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जो बाजार के कमजोर सेंटीमेंट को दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 56,500 के पास है,जबकि पहला रेजिस्टेंस 57,200 के आसपास और उसके बाद 57,400–57,500 के जोन में दिख रहा है।
इसके अलावा RSI में बेयरिश क्रॉसओवर हुआ है,जो मंदड़ियो के पक्ष में है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप सेल-ऑन-राइज की रणनीति अपनाने का सुझाव दे रहा है। जब तक कि इंडेक्स 57,500 और अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस नहीं आ जाता और वहां टिके नहीं रहता, यही रणनीति काम करेगी।
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