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Market outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 2 अप्रैल को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook : बैंक शेयरों में तेजी रही। बैंक निफ्टी 1173 प्वाइंट चढ़कर 51,449 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 1169 प्वाइंट चढ़कर 53,819 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 39 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी रही। बैंक निफ्टी के सभी 14 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 01, 2026 पर 4:28 PM
Market outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 2 अप्रैल को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market cues : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित समाधान के संकेत देने वाले बयानों के बाद जोखिम लेने की भावना में सुधार के चलते भारतीय शेयर बाजारों ने वित्त वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत की

Stock Market : अच्छे ग्लोबल संकेतों ने आज बुधवार 1 अप्रैल को बाजार में जोश भर दिया। इसके चलते अप्रैल सीरीज की शानदार शुरुआत देखने को मिली है। सेंसेक्स, निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। आज मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। डिफेंस, PSU बैंक शेयरों में अच्छी तेजी रही। मेटल, IT और ऑटो इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए। एनर्जी, FMCG और PSE शेयरों में खरीदारी रही। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत बढ़कर 73,134.32 पर और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 22,679.40 पर बंद हुआ।

बैंक शेयरों में भी तेजी रही। बैंक निफ्टी 1173 प्वाइंट चढ़कर 51,449 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 1169 प्वाइंट चढ़कर 53,819 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 39 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी रही। बैंक निफ्टी के सभी 14 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

APAC, VT Markets के सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खू का कहना है कि बाज़ारों में एक ढांचागत बदलाव आ रहा है। चर्चा अब रेट कट से हटकर फिर से मॉनीटरी सख्ती की ओर रुख कर रही है। बैंक ऑफ़ जापान पहले ही 0.75% पर है। ऐसे में 2021 से येन में 50% से ज़्यादा की गिरावट के बीच रेट बढ़ाने की 69% संभावना दिख रही है। वहीं U.S. फेडरल रिज़र्व भी महंगाई से जूझ रहा है। ऐसे में दुनिया भर में दरों में बढ़त का जोखिम दिख रहा है।

साथ ही, भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई का दबाव और बढ़ रहा है। इस मिली-जुली स्थिति के कारण सिस्टम से अतिरिक्त लिक्विडिटी (नकदी) कम होने लगी है, जिससे उन फंडामेंटल्स पर असर पड़ रहा है जिन्होंने अब तक रिस्क एसेट्स को सहारा दिया था।

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