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Market Outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 14 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Stock market : बाजार में जोखिम से बचने की भावना के संकेत दिख रहे हैं। हालांकि टैरिफ की अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है और भारत-पाकिस्तान सीमा पार भी शांति है। अमेरिका में मंदी का जोखिम भी कम हुआ है, लेकिन यह सिर्फ़ 90 दिनों का युद्ध विराम जैसा ही है। घरेलू बाजार की बात करें तो युद्ध विराम के बावजूद तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड May 13, 2025 पर 4:16 PM
Market Outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 14 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market cues : आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एनालिस्टों का कहना है कि तीन हफ्ते के कंसेलीडेशन से आने वाला ब्रेकआउट तेजी के ट्रेंड के फिर शुरू होने की पुष्टि करता है

Market today : 13 मई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निगेटिव रुख के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,600 से नीचे आ गया। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 1,281.68 अंक या 1.55 प्रतिशत गिरकर 81,148.22 पर और निफ्टी 346.35 अंक या 1.39 प्रतिशत गिरकर 24,578.35 पर बंद हुआ। आज लगभग 2507 शेयरों में बढ़त हुई, 1311 शेयरों में गिरावट आई तथा 131 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स सपाट रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1 फीसदी की बढ़त हुई। अलग सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, पीएसयू बैंक और फार्मा इंडेक्सों में 1-1.6 फीसदी की बढ़त हुई। जबकि आईटी, मेटल, एफएमसीजी, तेल एवं गैस और रियल्टी इंडेक्स में 0.9-2.5 फीसदी की गिरावट आई। पावर ग्रिड कॉर्प, इंफोसिस, इटरनल, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज निफ्टी के टॉप लूजर रहे। जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, जियो फाइनेंशियल, हीरो मोटोकॉर्प, डॉ रेड्डीज लैब्स और सन फार्मा निफ्टी के टॉप गेनरों में रहे।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वी के विजयकुमार का कहना है कि सोमवार को निफ्टी में 916 अंकों की तेज उछाल को संस्थागत निवेश से सपोर्ट नहीं मिला था। एफआईआई और डीआईआई की कुल खरीदारी केवल 2,694 करोड़ रुपये थी। इससे यह पता चलता है कि कंल की तेजी मुख्य रूप से शॉर्ट-कवरिंग और रिटेल/एचएनआई भागीदारी के कारण आई थी। आगे चलकर,संस्थागत निवेशकों की खरीदारी में सुस्ती देखने को मिल सकती है। इसके चलते आगे की तेजी सीमित रह सकती है।

फिडेंट एसेट मैनेजमेंट की संस्थापक और सीआईओ ऐश्वर्या दाधीच का कहना है कि बाजार में जोखिम से बचने की भावना के संकेत दिख रहे हैं। हालांकि टैरिफ की अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है और भारत-पाकिस्तान सीमा पार भी शांति है। अमेरिका में मंदी का जोखिम भी कम हुआ है, लेकिन यह सिर्फ़ 90 दिनों का युद्ध विराम जैसा ही है। घरेलू बाजार की बात करें तो युद्ध विराम के बावजूद तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं। किसी भी तरह की आग भड़कने से बाजार में अस्थिरता आ सकती है। इसके बावजूद, लार्ज-कैप में 5 फीसदी और स्मॉल-और मिड-कैप में 8 से 9 फीसदी की अर्निंग्स ग्रोथ से पता चलता है कि किसी बड़ी मंदी की आशंका कम हो रही है। फंडामेंटली,भारत एक या दो तिमाही पहले की तुलना में अब बेहतर स्थिति में है।

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