मार्केट में जबर्दस्त रिकवरी की कई वजहें, जानिए DLF, Colgate और डिक्शन टेक्नोलॉजीज में क्या चल रहा

स्टॉक मार्केट में 16 मई को आई रिकवरी ने चौंकाया। खास बात यह है कि इस रिकवरी में कुछ दिग्गज कंपनियों का बड़ा हाथ रहा। इनमें रिलांयस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस का बड़ा हाथ रहा। कुल मिलाकर यह हफ्ता मार्केट के लिए अच्छा दिख रहा है

अपडेटेड May 17, 2024 पर 10:06 AM
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डीएलएफ ने इस फाइनेंशियल ईयर में कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने का प्लान बनाया है। इनकी कुल कीमत 36,000 करोड़ हो सकती है।
     
     
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    स्टॉक मार्केट में 16 मई को दोपहर बाद जबर्दस्त रिकवरी आई। इसमें बाजार के एक वर्ग की इस सोच का हाथ हो सकता है कि लोकसभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। एक दूसरे वर्ग का मानना है कि रिकवरी की वजह यह हो सकती है कि विदेशी फंड एक्सपायरी पर निफ्टी इंडेक्स में अपने ऑप्शंस पॉजिशंस से मुनाफा कमाना चाहते थे। 16 मई को निफ्टी में आई 203 अंक की तेजी 8 स्टॉक्स का बड़ा हाथ था। कुल तेजी में इनकी हिस्सेदारी 61 फीसदी थी। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल थीं।

    DLF

    डीएलएफ ने इस फाइनेंशियल ईयर में कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने का प्लान बनाया है। इनकी कुल कीमत 36,000 करोड़ हो सकती है। ग्रुरुग्राम के मार्केट में स्ट्रॉन्ग अपसाइकिल दिख रही है। ब्रोकिंग फर्म एंटिक ने कहा है कि FY25 में DLF की कुल बिक्री 17,000 करोड़ रुपये के उसके गाइंडेस से ज्यादा रह सकती है। उधर, बेयर्स की दलील है कि एनसीआर में कई डेवलपर्स के लग्जरी प्रोजेक्ट्स में कैंसिलेशंस के मामले बढ़ रहे हैं। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि करेंट अपसाइकिल अपने पीक पर पहुंच गई है।

    Colgate Palmolive


    कोलगेट पॉमोलिव के मार्च तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे। ब्रोकरेज फर्म नोवुमा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि Colgate Palmolive के पास ओरल केयर सेगमेंट में विस्तार करने की गुंजाइश है। कंपनी इस मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उधर, बेयर्स की दलील है कि कंपनी के लिए मार्जिन बढ़ाना मुश्किल होगा, क्योंकि प्रोडक्ट्स के प्राइसेज बढ़ाने का असर डिमांड पर पड़ सकता है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है।

    Dixon Technologies

    डिक्शन टेक्नोलॉजी का प्रॉफिट मार्च तिमाही में साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़ा। बुल्स का कहना है कि कंपनी का बैकवॉर्ड इंटिग्रेशन स्ट्रॉन्ग है। यह आरएंडी सेंटर्स शुरू करने के लिहाज से बहुत अच्छी स्थिति में है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में बताया है। उधर, बेयर्स की दलील है कि Dixon Technologies की वैल्यूएशन ज्यादा है। मोबाइल फोन सेगमेंट को छोड़ बाकी डिवीजंस की सेल्स FY24 में कमजोर रही है।

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    Apollo Tyres

    कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजे कमजोर रहे। बुल्स का कहना है कि Apollo Tyres ने मुनाफा बढ़ाने पर फोकस बढाया है। इसका असर फ्री कैश फ्लो (FCF) और रिटर्न ऑन कैपिटल (RoCE) पर दिखा है। बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कीमतों में वृद्धि से मार्जिन बढ़ना चाहिए। उधर, बेयर्स की दलील है कि मार्जिन के अपने पीक पर पहुंच जाने का अनुमान है। एनालिस्ट्स ने इस बारे में संकेत दिए हैं। अगर कंपनी प्राइस बढ़ाती है तो उसका असर डिमांड पर पड़ेगा।

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