Market trend : अच्छी रिकवरी के बाद ऊपरी स्तरों से थोड़ा हल्का हुआ बाजार, आज इन अहम स्तरों पर रहे नजर

Market trend : AI के नए चैलेंज से IT शेयरों में हाहाकार मचा हुआ है। निफ्टी का आईटी इंडेक्स 6 फीसदी फिसला है। दिग्गज TCS-इंफोसिस-HCL टेक 7 परसेंट तक टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम में भी भारी गिरावट है

अपडेटेड Feb 04, 2026 पर 11:37 AM
Story continues below Advertisement
Index trading : बैंक निफ्टी एक अहम मोड़ पर है। 59,790 से नीचे ब्रेक होने पर गैप भरने की कोशिश हो सकती है,जबकि 60,300 से ऊपर ब्रेक होने पर खरीदारी का एक नया दौर शुरू हो सकता है

Market trend : अच्छी रिकवरी के बाद बाजार ऊपरी स्तरों से थोड़ा हल्का हुआ है। निफ्टी करीब 200 अंक सुधरकर 25700 के पास दिख रहा है। निफ्टी बैंक भी 200 प्वाइंट भागा है, मिड और स्मॉलकैप में भी खरीदारी है। फिलहाल 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 24.37 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 83,714.76 पर और निफ्टी 21.40 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 25,748.95 पर दिख रहा है। लगभग 2262 शेयरों में तेज़ी आई है, 1292 शेयरों में गिरावट आई है और 147 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

AI के नए चैलेंज से IT शेयरों में हाहाकार मचा हुआ है। निफ्टी का आईटी इंडेक्स 6 फीसदी फिसला है। दिग्गज TCS-इंफोसिस-HCL टेक 7 परसेंट तक टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम में भी भारी गिरावट है।

आज तेल और गैस शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। इनका सेक्टोरल इंडेक्स करीब 1.5 परसेंट मजबूत दिख रहा है। ONGC और कोल इंडिया निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी जोरदार तेजी है। तीनों इंडेक्स 1.5 से 2 परसेंट मजबूत दिख रहे हैं। वहीं कैपिटल मार्केट में भी रौनक है। लेकिन डिफेंस शेयर कमजोर हैं।


HAL में बिकवाली का तगड़ा दबाव है। यह शेयर 6 परसेंट टूटकर एक्सिडेंट ऑफ द डे बना है। नेक्स्ट जनरेशन फाइटर जेट्स बनाने के लिए कंपनी नहीं चुनी गई है। इसके लिए L&T और भारत फोर्ज समेत 3 अन्य प्राइवेट कंपनियों का सेलेक्शन हुआ है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि अमेरिका-भारत ट्रेड डील से शुरू हुई रैली को बनाए रखने में दिक्कतें आ रही हैं। कल अमेरिका में IT शेयरों में हुई बिकवाली भारतीय IT इंडेक्स को भी नीचे खींच रही है। इससे भारतीय बाज़ार में रैली पर ब्रेक लगा है। वैल्यूएशन अभी भी ज़्यादा हैं, ऐसे में लगातार रैली के लिए कोई फंडामेंटल सपोर्ट नहीं है। असर बाजार पर दिख रहा है।

इन्वेस्टर ट्रेड डील पर क्लैरिटी का इंतज़ार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को ट्रेड डील की घोषणा की। इसके तहत नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की खरीद रोकने और ट्रेड बैरियर कम करने के बदले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% किया जाएगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 3 फरवरी को कहा कि दोनों देश डील के "अंतिम प्रारूप" पर साइन होने के बाद डिटेल्स शेयर करेंगे।

सिस्टमैटिक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के को-हेड धनंजय सिन्हा ने कहा कि बाजारों को शॉर्ट-टर्म में तनाव कम होने से सपोर्ट मिल रहा है,जिससे अमेरिकी टैरिफ के डर में कमी आई है। लेकिन इस बढ़ोतरी की सस्टेनेबिलिटी ट्रेड डील की डिटेल्स पर निर्भर करती है।

MPC मीटिंग के नतीजों का इंतज़ार

विजयकुमार का कहना है कि 6 फरवरी को होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी से किसी ट्रिगर की उम्मीद नहीं है। MPC से उम्मीद है कि वह दरों और रुख को नरम रवैये के साथ यथास्थिति बरकरार रखेगी । अर्थव्यवस्था अब ऐसी स्थिति में है जहां मॉनेटरी स्टिमुलस की ज़रूरत नहीं है। इसलिए,संभावना है कि MPC मॉनेटरी ट्रांसमिशन के असर को देखने का इंतज़ार करेगी। जनवरी के ऑटो नंबर्स बताते हैं कि अच्छी डिमांड जारी है।

विजयकुमार ने कहा, "कल बाज़ार में 639 अंकों की तेज़ी मुख्य रूप से FII की शॉर्ट कवरिंग और कैश मार्केट में 5,236 करोड़ रुपये की उनकी खरीदारी की वजह से आई थी। वैल्यूएशन को देखते हुए, यह तेज़ी का ट्रेंड जल्द ही धीमा पड़ सकता है। निवेशकों को सही वैल्यू वाले लार्जकैप शेयरों पर टिके रहना चाहिए।"

इन अहम स्तरों पर रहे नजर

वेव्स स्ट्रेटेजी एडवाइजर्स के संस्थापक और CEO आशीष क्याल का कहना है कि US-इंडिया ट्रेड डील की घोषणा के बाद कल निफ्टी 26,300 के लेवल के पास एक बड़े गैप-अप के साथ खुला और 1,200 से ज़्यादा अंक ऊपर चला गया। हालांकि, इंडेक्स ऊंचे लेवल पर टिक नहीं पाया और पहले घंटे के अंदर ही गिरकर 25,641 के आसपास आ गया। इसके बाद, बाकी सेशन में यह 25,870 और 25,700 के बीच एक छोटी रेंज में घूमता रहा।

25,728 के पास का ज़ोन एक अहम वॉल्यूम प्रोफ़ाइल सपोर्ट के तौर पर सामने आया है,जहां पहले भी भारी खरीदारी देखी गई थी। छोटे-मझोले शेयरों में भी मज़बूती दिखी,जिसमें मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। टेक्निकली,मजबूत तेज़ी ने एक ही कैंडल में पिछले 14 दिनों की गिरावट को लगभग पूरा कर लिया है,जो इस बात का मज़बूत संकेत है कि अब एक अहम बॉटम बन गया है।

निफ्टी का ओवरऑल ट्रेंड बुलिश हो गया है। जब तक इंडेक्स 25,361 के अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर रहता है,तब तक स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ऊपर की तरफ, इंडेक्स के 26,200+ के ज़ोन की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जबकि गिरावट पर खरीदारी करना पसंदीदा स्ट्रैटेजी है।

बैंक निफ्टी पर बात करते हुए आशीष क्याल ने कहा कि STT बढ़ोतरी के बाद, बजट के दिन बैंक निफ्टी में तेज़ बिकवाली देखी गई,जिससे यह डेली चार्ट पर अपनी बढ़ती ट्रेंडलाइन की निचली सीमा को टेस्ट करता दिखा। हालांकि, इस हफ़्ते की शुरुआत में इंडेक्स ने ट्रेंडलाइन सपोर्ट से लगभग 800 अंकों का ज़ोरदार उछाल दिखाया,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी को दिखता है। पिछले सेशन में, बैंक निफ्टी लगभग 2,800 अंकों के बड़े गैप-अप के साथ खुला,जिससे पूरे मार्केट का सेंटिमेंट बेहतर हुआ।

PSU और प्राइवेट बैंकों ने रैली में बराबर योगदान दिया,जिससे इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 61,764 के पास एक नया रिकॉर्ड हाई बनाने में कामयाब रहा। शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद,कीमतें साइडवेज़ चली गईं और अब 60,300 के अहम पोलैरिटी ज़ोन के पास घूम रही हैं। इसके ऊपर ब्रेकआउट होने पर रैली और आगे बढ़ सकती है, जिसके बाद एक नया रिकॉर्ड हाई बन सकता है।

बैंक निफ्टी एक अहम मोड़ पर है। 59,790 से नीचे ब्रेक होने पर गैप भरने की कोशिश हो सकती है,जबकि 60,300 से ऊपर ब्रेक होने पर खरीदारी का एक नया दौर शुरू हो सकता है।

 

 

Dollar Vs INR : रुपया थोड़ी नरमी के साथ 90.43 पर खुला, जानिए क्या रही इसकी वजह

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।