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Market trend : पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच बाजार में तेजी का जोरदार मोमेंटम, जानिए इंडेक्स में कमाई की रणनीति

Market trend : जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि बाज़ार शनिवार को होने वाली US और ईरान के बीच शांति वार्ता के नतीजों का इंतज़ार करेगा। शांति वार्ता के नतीजे ही कच्चे तेल की कीमतों का रुख तय करेंगे और यही आगे चलकर बाज़ार के रुझान को भी तय करेगा

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 10, 2026 पर 10:45 AM
Market trend : पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच बाजार में तेजी का जोरदार मोमेंटम, जानिए इंडेक्स में कमाई की रणनीति
Trading plan: सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23921-23887/24034 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24131-23225 पर है

Market trend : पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच बाजार में तेजी का जोरदार मोमेंटम देखने को मिल रहा है। निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24000 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में करीब 950 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी अच्छी खरीदारी आई है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX करीब 5% नीचे है। TCS ने नतीजों के बाद IT शेयरों में कमजोरी देखने को मिल रही है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3 फीसदी फिसला है। इंफोसिस,TCS,टेक महिंद्रा और HCL टेक निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल है। एम्फैसिस,LTIMINDTREE और कोफोर्ज जैसे मिडकैप IT शेयर भी करीब 3-4 फीसदी कमजोर दिख रहे हैं।

आज रियल्टी,ऑटो और NBFCs में तेज रफ्तार देखने को मिल रही है। तीनों इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत दिख रहे हैं। लोढ़ा,अशोक लेलैंड और श्रीराम फाइनेंस 3-4 फीसदी चढ़े हैं। साथ ही डिफेंस,प्राइवेट और सरकारी बैंकों में भी शानदार तेजी है।

बाजार पर एक्सपर्ट की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि बाज़ार शनिवार को होने वाली US और ईरान के बीच शांति वार्ता के नतीजों का इंतज़ार करेगा। शांति वार्ता के नतीजे ही कच्चे तेल की कीमतों का रुख तय करेंगे और यही आगे चलकर बाज़ार के रुझान को भी तय करेगा। अगर बातचीत से तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे आती हैं तो बाज़ार, खासकर भारत जैसे देश जो एनर्जी एक्सपोर्ट पर निर्भर हैं, फिर से पटरी पर लौट आएंगे। वहीं, अगर शांति वार्ता विफल हो जाती है और कच्चे तेल की कीमतें और ज़्यादा बढ़ जाएंगी तो हमारे बाजारों की स्थिति खराब हो जाएगी।

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