ट्रंप के टैरिफ टेरर से भारत ही नहीं पूरी दुनिया के बाजारों में हाहाकार मचा है। गिरावट के ऐसे माहौल में निवेशकों को अब क्या करना चाहिए? किन सेक्टर्स पर फोकस करना बेहतर है। इन सभी पर चर्चा करते हुए बजाज फिनसर्व असेट मैनेजमेंट के CIO निमेश चंदन ने कहा कि निफ्टी 24700 के फेयर वैल्यू के काफी नीचे है। बड़ी कंपनियां अच्छे वैल्यूएशन पर मौजूद हैं। निमेश चंदन का मानना है कि लार्जकैप कंपनी खरीदारी के लिए अट्रैक्टिव लेवल्स पर है। लार्जकैप, कंज्यमूर थीम, हेल्थकेयर थीम पर हमारा नजरिया बुलिश है। उन्होंने कहा कि चुनिंदा मिडकैप- स्मॉलकैप शेयर भी निवेश के लिए बेहतर लग रहे है।
आईटी सेक्टर को लेकर चिंताएं बढ़ी
अक्टूबर से दिसंबर के बीच आईटी सेक्टर को लेकर बाजार को काफी उम्मीदें बढ़ गई थी। बाजार ने उम्मीद लगाया था कि ट्रंप सरकार अगर टैक्स में कटौती करती है , यहां के बिजनेस को बूस्ट देते है तो इकोनॉमी अच्छी करेंगे। आईटी में स्पेडिंग में इजाफा होगा। जो कंपनी यूएस को आईटी डेवलपमेंट में करती है उनका बिजनेस बढ़ेगा। ऐसे में अक्टूबर से दिसंबर के दरमियान आईटी शेयरों के वैल्यूएशन काफी ऊपर आ गए थे। उसके बाद ट्रंप के ऐलानों के बाजारों की चिंता भी बढ़ती नजर आ रही है। बिजनेस, इन्वेस्टमेंट को लेकर जिस तरह की अनिश्चितताएं यूएस में बनी हुई है। उस कारण आईटी पर निगेटिव इपेक्ट आ सकता है। जिसके कारण सेक्टर पर री-रेटिंग का फ्रेज आया था वह नीचे आ गया है।
बैंकों के वैल्यूएशन बेहतर
बैंक और एनबीएफसी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टैरिफ वार को छोड़कर अगर भारत की इकोनॉमी ग्रोथ को देखें तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस अच्छा करती नजर आएगी। क्योंकि अगले साल देश की GDP ग्रोथ बेहतर रह सकती है। लार्जकैप प्राइवेट और पीएसयू बैंक को देखें तो वहां पर वैल्यूएशन अट्रैक्टिव है। आनेवाले साल में डिपॉजिटरी ग्रोथ और क्रेडिट ग्रोथ और बेहतर होती नजर आएगी। बैंकों और एनबीएफसी के Q4 अपडेट काफी अच्छे आ रहे हैं। ये समय निवेशकों के लिए लंबी अवधि में बैंकिंग में निवेश करने का मौका है।
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