टेलविंड फाइनेंशियल सर्विसेज के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक गोयल ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि प्रीमियमाइजेशन से मिलने वाले फायदे और एसयूवी की बिक्री के हाई मिक्स के कारण हुंडई मोटर इंडिया थोड़ी बेहतर स्थिति में है। दोनों कंपनियों के वैल्यूएशन की तुलना करते हुए उनका मानना है कि मारुति सुजुकी और हुंडई का वर्तमान वैल्युएशन एक दूसरे के काफी करीब है।
अगल-अलग सेक्टरों पर अपनी राय देते हुए इक्विटी बाजार का 10 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले निवेश सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक गोयल ने कहा कि वे डिफेंसिव बेट लगाने के पक्ष में हैं। उन्होंने बैंकिंग के साथ-साथ फार्मा,आईटी और उपभोग से जुड़े शेयरों में निवेश किया है जहां मौजूदा कमजोर बाजार स्थितियों में वैल्युएशन सही रेंज के भीतर बना हुआ है।
क्या आपको पैसेंजर वाहन सेगमेंट में धीमी ग्रोथ लेकिन टू-व्हीलर सेक्टर में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है? ऑटो सेक्टर के बारे में आपका नजरिया क्या है?
विवेक ने बताया कि वे ऑटो सेक्टर के मासिक बिक्री के आंकड़ों पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। पैसेंजर वाहन सेगमेंट में ग्रोथ धीमी रहने की उम्मीद है। वहीं दोपहिया सेगमेंट में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि,श्राद्ध पक्ष के कारण सितंबर की बिक्री धीमी रही। लेकिन आगामी त्यौहारी सीज़न डीलरशिप स्तर पर मांग का अंदाजा लगाने के लिए अहम होगा। मौजूदा बिक्री आंकड़ों में त्यौहारों से पहले स्टॉक की जा रही इन्वेंट्री भी शामिल हो सकती है। इसलिए मांग की स्थिति का सही अंदाजा लगाने के लिए खुदरा बिक्री पर बारीकी से नज़र रहनी चाहिए।
हाल के करेक्शन के दौरान आपने निवेश के लिए कौन से सेक्टर चुने हैं?
विवेक ने कहा कि उनका फोकस उन सेक्टरों पर बना हुआ है, जहां वैल्यूएशन बहुत अधिक नहीं बढ़े हैं। हाल ही में बाजार में आए करेक्शन के बावजूद, बाजार अभी भी बहुत महंगा है। विवेक गोयल ने कहा कि वे डिफेंसिव बेट लगाने के पक्ष में हैं। उन्होंने बैंकिंग के साथ-साथ फार्मा,आईटी और उपभोग से जुड़े शेयरों में निवेश किया है जहां मौजूदा कमजोर बाजार स्थितियों में वैल्युएशन सही रेंज के भीतर बना हुआ है।
क्या आपको लगता है कि मारुति सुजुकी हुंडई मोटर इंडिया से बेहतर वैल्यू वाला स्टॉक है?
ऑटो सेक्टर में दो महत्वपूर्ण रुझान देखने को मिल रहे हैं- प्रीमियमाइजेशन और ग्रीन एनर्जी की ओर बदलाव। इसकी वजह कीमतों में बढ़त हो रही है। मारुति सुजुकी और हुंडई की तुलना करें तो उनके मौजूदा वैल्युएशन काफी करीब हैं। हुंडई का फोकस एसयूवी और क्रेटा और वर्ना जैसे प्रीमियम मॉडल पर है, साथ ही इसके आने वाले ईवी लॉन्च भी अच्छी ग्रोथ की संभावना रखते हैं। दूसरी ओर, मारुति ने ग्रैंड विटारा और इनविक्टो जैसे अपने मजबूत हाइब्रिड मॉडल के साथ मजबूती हासिल की है। हमें इस बात पर नजर रखनी होगी कि ईवी और हाइब्रिड के बीच ग्राहक किसको प्राथमिकता देते हैं। प्रीमियमाइजेशन से मिलने वाले फायदे और एसयूवी की बिक्री के हाई मिक्स के कारण अभी तक हुंडई मोटर इंडिया थोड़ी बेहतर स्थिति में है।
क्या निजी बैंकों का भाव सस्ता? क्या इसका मतलब यह है कि हमें उनमें निवेश करना शुरू कर देना चाहिए?
विवेक ने कहा कि बड़े बैंकों का वैल्यूएशन सही लग रहा है। ये पिछले साल की बाजार रैली के दौरान पिछड़ गए थे। हालांकि, छोटे बैंक अपने ऐतिहासिक औसत ऊपर दिख रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो छोटे बैंक महंगे दिख रहे हैं। बैंकिंग सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) पर बना दबाव है। हालांकि असेट क्ववालिटी ठीक स्थिति में है। ऐसे में विवेक को मजबूत डिपॉजिट और CASA (चालू और बचत खाता) आधार वाले बैंकों के साथ-साथ ऐसे NBFC शेयर पसंद हैं जिनका फोकस हाउसिंग फाइनेंस पर है।
क्या हमें टेक्नोलॉजी स्टॉक खरीदने के लिए अमेरिकी चुनावों का इंतज़ार करना चाहिए?
विवेक का कहना है कि निवेश के फ़ैसले अमेरिकी चुनावों जैसी घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमने के बजाय सेक्टर के आउटलुक और स्टॉक विशेष से जुड़े टारगेट के जुड़े होने चाहिए। अगर चुनावों से पहले होने वाले उतार-चढ़ाव में कई अच्छा करेक्शन मिलता है तो टेक्नोलॉजी स्टॉक में निवेश बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
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