MF Investment : आज के भारी उठापटक भरे ग्लोबल माहौल में जहां इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है,वहीं डेट फंड्स एक बार फिर निवेशकों के लिए स्टेबिलिटी का सहारा बनकर उभर रहे हैं। जियोपोलिटिकल तनाव,कच्चे तेल की अनिश्चितता और ब्याज दरों को लेकर सेंट्रल बैंकों के रुख के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या डेट फंड्स आपके पोर्टफोलियो को सही बैलेंस दे सकते हैं? इसी पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं एक्सिस AMC के फिक्सड इनकम हेड देवांग शाह।
डेट में निवेश कितना सुरक्षित?
ग्लोबल तनाव के बावजूद बॉन्ड यील्ड स्थिर है। डेट फंड्स में होने वाले उतार-चढ़ाव इक्विटी से कम होते हैं। इनमें बाजार गिरने पर भी पूंजी सुरक्षित रहती है। इनसे पोर्टफोलियो को संतुलन देने में मदद मिलती है।
जियोपॉलिटिक्स,क्रूड कितना निगेटिव
वेस्ट एशिया तनाव पर नजर रखनी जरूरी है। कच्चे तेल की कीमतें बाजार और इकोनॉमी के लिए बहुत अहम फैक्टर हैं। क्रूड और बढ़ा तो महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ेगा। इससे बॉन्ड बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।
RBI ने अभी दरें नहीं बढ़ाई हैं, यानि स्थिति स्टेबल है। RBI से जल्दी दरों में कटौती की उम्मीद कम है। निवेशकों को धैर्य के साथ निवेश करना चाहिए।
डेट फंड्स में निवेश की रणनीति
शॉर्ट टर्म फंड्स में रिस्क कम होता हो और स्थिर रिटर्न मिलते हैं। लॉन्ग टर्म फंड्स में दरों में कटौती का फायदा मिलता है। एक्रुअल (Accrual) स्ट्रैटेजी से लगातार इनकम मिलेगा। Barbell निवेश से सुरक्षा और मौका दोनों मिलेंगे। बता दें कि एक्रुअल फंड्स ऐसे डेट म्यूचुअल फंड्स हैं,जो कमाई के लिए अपने पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज पर मिलने वाले ब्याज पर फोकस करते हैं। वहीं, Barbell Strategy एक ऐसा तरीका है जो आपके पोर्टफोलियो को एक तरफ बहुत सुरक्षित और दूसरी तरफ बहुत हाई रिस्क, हाई रिटर्न वाले निवेश में बांटकर बैलेंस बनाने की कोशिश करता है।
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