MF Investment : बाजार में हाहाकार, जानिए क्या इस मार्केट में डेट फंड्स लगाएंगे नैया पार

MF Investment : ग्लोबल तनाव के बावजूद बॉन्ड यील्ड स्थिर है। डेट फंड्स में होने वाले उतार-चढ़ाव इक्विटी से कम होते हैं। इनमें बाजार गिरने पर भी पूंजी सुरक्षित रहती है। इनसे पोर्टफोलियो को संतुलन देने में मदद मिलती है

अपडेटेड Mar 28, 2026 पर 3:56 PM
Story continues below Advertisement
MF Investment : ग्लोबल तनाव के बावजूद बॉन्ड यील्ड स्थिर है। डेट फंड्स में होने वाले उतार-चढ़ाव इक्विटी से कम होते हैं। इनमें बाजार गिरने पर भी पूंजी सुरक्षित रहती है

MF Investment : आज के भारी उठापटक भरे ग्लोबल माहौल में जहां इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है,वहीं डेट फंड्स एक बार फिर निवेशकों के लिए स्टेबिलिटी का सहारा बनकर उभर रहे हैं। जियोपोलिटिकल तनाव,कच्चे तेल की अनिश्चितता और ब्याज दरों को लेकर सेंट्रल बैंकों के रुख के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या डेट फंड्स आपके पोर्टफोलियो को सही बैलेंस दे सकते हैं? इसी पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं एक्सिस AMC के फिक्सड इनकम हेड देवांग शाह।

डेट में निवेश कितना सुरक्षित?

ग्लोबल तनाव के बावजूद बॉन्ड यील्ड स्थिर है। डेट फंड्स में होने वाले उतार-चढ़ाव इक्विटी से कम होते हैं। इनमें बाजार गिरने पर भी पूंजी सुरक्षित रहती है। इनसे पोर्टफोलियो को संतुलन देने में मदद मिलती है।


जियोपॉलिटिक्स,क्रूड कितना निगेटिव

वेस्ट एशिया तनाव पर नजर रखनी जरूरी है। कच्चे तेल की कीमतें बाजार और इकोनॉमी के लिए बहुत अहम फैक्टर हैं। क्रूड और बढ़ा तो महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ेगा। इससे बॉन्ड बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

अभी क्या करें निवेशक?

RBI ने अभी दरें नहीं बढ़ाई हैं, यानि स्थिति स्टेबल है। RBI से जल्दी दरों में कटौती की उम्मीद कम है। निवेशकों को धैर्य के साथ निवेश करना चाहिए।

डेट फंड्स में निवेश की रणनीति

शॉर्ट टर्म फंड्स में रिस्क कम होता हो और स्थिर रिटर्न मिलते हैं। लॉन्ग टर्म फंड्स में दरों में कटौती का फायदा मिलता है। एक्रुअल (Accrual) स्ट्रैटेजी से लगातार इनकम मिलेगा। Barbell निवेश से सुरक्षा और मौका दोनों मिलेंगे। बता दें कि एक्रुअल फंड्स ऐसे डेट म्यूचुअल फंड्स हैं,जो कमाई के लिए अपने पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज पर मिलने वाले ब्याज पर फोकस करते हैं। वहीं, Barbell Strategy एक ऐसा तरीका है जो आपके पोर्टफोलियो को एक तरफ बहुत सुरक्षित और दूसरी तरफ बहुत हाई रिस्क, हाई रिटर्न वाले निवेश में बांटकर बैलेंस बनाने की कोशिश करता है।

 

 

Iran War Impact: पश्चिम एशिया युद्ध के चलते MSME यूनिट्स में प्रोडक्शन आधा, कच्चा माल और लेबर की कमी बनी समस्या

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।